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जागो फिर एक बार कविता

जागो फिर एक बार कविता | Jago fir ek bar kavita ka saransh

जागो फिर एक बार कविता का लघु परिचय

‘जागो फिर एक बार’ कविता के रचयिता सूर्यकांत त्रिपाठी निरालाजी हैं। निरालाजी की यह कविता ‘परिमल’ कविता संग्रह में संकलित है, जिसका प्रकाशन 1930 में हुआ था। इस कविता में कवि ने भारत के अतीत का गौरवमय चित्रण किया है।

जागो फिर एक बार कविता

जागो फिर एक बार ।

समर अमर कर प्राण,

गान गाये महासिन्धु-से सिन्धु-नद-तीरवासी ।

सैन्धव तुरंगों पर चतुरंग चमू संग, “

सवा-सवा लाख पर एक को चढ़ाऊँगा

गोविन्द सिंह निज नाम जब कहाऊँगा”

किसने सुनाया यह

वीर-जन- मोहन अति दुर्जय संग्राम राग, फाग का खेला रण बारहों महीने में?

शेरों की मांद में आया है आज स्यार

जागो फिर एक बार।

सत् श्री अकाल, भाल-अनल धक-धक कर जला

भस्म हो गया था काल

– तीनों गुण- तापत्रय,

अभय हो गए थे तुम

मृत्युंजय व्योमकेश के समान, अमृत-संतान तीव्र

भेदकर सप्तावरण-मरण-लोक शोकाहारी ।

पहुँचे थे वहाँ जहाँ आसान है सहस्त्रा जागो फिर एक बार ।

सिंहनी की गोद से छीनता रे शिशु कौन ?

मौन भी क्या रहती वह रहते प्राण ? रे अजान ।

एक मेषमाता ही रहती है निर्मिमेष

दुर्बल वह छिनती सन्तान जब

जन्म पर अपने अभिशप्त तप्त आँसू बहाती है,

किन्तु क्या योग्य जन जीता है। पश्चिम की उक्ति नहीं

गीता है गीता है।

स्मरण करो बार-बार

जागो फिर एक बार

पशु नहीं, वीर तुम, समर-शूर, क्रूर नहीं,

काल चक्र में हो दबे आज तुम राज कुंवर ।

समर- सरताज ! पर क्या है,

सब माया है- सब माया है,

मुक्त हो सदा ही तुम,

बाधा – विहीन- बन्ध छन्द ज्यों,

डूबे आनन्द में सच्चिदानन्द रूप

महामंत्र ऋषियों का

अणुओं-परमाणुओं में फेंका हुआ

“तुम हो महान, तुम सदा हो महान्,

हे नश्वर यह दीन भाव,

कायरता, कामपरता ।

ब्रह्म हो तुम

पद-रज-भर भी नहीं पूरा यह विश्व भार-

जागो फिर एक बार ।

जागो फिर एक बार कविता के वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर

1. जागो फिर एक बार पाठ की विधा है?

कविता

2. जागो फिर एक बार कविता के कवि कौन है?

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी

3. Jago fir ek bar कविता कौनसे कविता संग्रह से ली गई है?

परिमल

4. Jago fir ek bar कविता में कवि ने किसका चित्रण किया है?

भारत के अतीत का

5. जागो फिर एक बार कविता में ……… का भाव निहित है?

राष्ट्रीय नवजागरण

6. Jago fir ek bar कविता किस आंदोलन की पृष्ठभूमि पर सृजित है?

स्वतंत्रता प्राप्ति

7. गुरु गोविंद सिंह किनके गुरु है?

सिक्खों के

8. भारतीयों को किसका रूप माना गया है?

ब्रह्मा का

9. सवा लाख पर एक को चढ़ाऊंगा की घोषणा किसने की थी?

गुरु गोविंद सिंह ने

10. तीन ताप कौन कौनसे है?

दैहिक, दैविक और भौतिक

11. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी की प्रमुख रचनाएं कौन कौन सी है? दो के नाम बताए।

अनामिका और गीतिका

12. सत् श्री अकाल किस धर्म से संबंधित है?

सिक्ख धर्म से

13. समन्वय पत्रिका का संपादन किसने किया?

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी ने

14. योग्य जन जीता है, उक्ति है?

गीता की

15. Jago fir ek bar कविता में कौनसा छंद है?

मुक्तक छंद

16. जागो फिर एक बार कविता ……….. प्रधान कविता है?

राष्ट्रीय चेतना

17. मृत्युंजय व्योमवेश के समान में मृत्युंजय किसे कहा गया है?

भगवान शिव को

18. तुम हो महान्, तुम सदा हो महान् यह भारतीयों में किसका महामंत्र है?

ऋषियों का

19. गीता की उक्ति क्या है?

संसार में योग्य व्यक्ति ही जीता है

20. सिंधु नद तिरवासी किसे कहा गया है?

भारतवासियों को

21. गुरु गोविंद सिंह सिक्खों के कौनसे गुरु है?

दसवें गुरु

22. छायावादी युग के प्रमुख स्तंभ कौन कौन से हैं?

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, महादेवी वर्मा, जयशंकर प्रसाद और सुमित्रानंदन पंत

23. मुक्तक छंद के प्रवर्तक किसे माना जाता है?

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

24. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी का प्रथम काव्य संग्रह कौनसा है?

अनामिका

25. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी का अंतिम काव्य संग्रह कौनसा है?

सांध्यकाकली

26. कौनसा काव्य संग्रह निराला जी के मरणोपरांत प्रकाशित हुआ?

सांध्यकाकली

27. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला कवि है?

छायावाद युग के

28. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी का जन्म कब हुआ?

सन् 1899 में

29. निराला जी का जन्म कहां हुआ?

महिषादल (बंगाल)

30. निराला जी का बचपन का नाम क्या था?

सूर्य कुमार

31. त्रिपाठी जी की पत्नी का क्या नाम था?

मनोरमा देवी

32. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी की मृत्यु कब हुई?

सन् 1961 ई. में

33. सूर्यकांत त्रिपाठी के पिताजी का नाम क्या था?

रामसहाय त्रिपाठी

34. निराला जी की पुत्री का क्या नाम था?

सरोज

35. सरोज स्मृति किससे संबंधित है?

निराला जी की पुत्री से

36. सरोज स्मृति रचना में कौनसा भाव है?

शोक व्यक्त किया गया है

Jago fir ek bar kavita के सत्य / असत्य

1. कवि ने भारतीयों को शेर और अंग्रेजों को सियार कहा है?

सत्य

2. सत् श्री अकाल सिक्ख धर्म से संबंधित है?

सत्य

3. योग्य जन जीता उक्ति पश्चिमी है?

असत्य

4. गुरु गोविंद सिंह ईसाइयों के गुरु है?

असत्य

5. मृत्युंजय व्योमवेश के समान में मृत्युंजय भगवान विष्णु को कहा गया है?

असत्य

जागो फिर एक बार कविता का सारांश

जागो फिर एक बार कविता के FAQS

मेष माता तप्त आंसू क्यों बहती है?

मेषमाता निर्बल होती है। उसकी संतान जब उससे छीन जाती है, तो वह चुपचाप देखती रह जाती है। इस प्रकार वह अपने जन्म पर दुःखी होकर अपने तप्त आँसू बहती है।

शिशु के छीनने पर मेष माता और सिंहनी के व्यवहार में क्या अंतर है?

यदि सिंहनी की गोद से कोई उसका शिशु छीनने का प्रयत्न करे, तो वह चुप नहीं रहती। वह इतने जोर से दहाड़ती है कि उसके बच्चे को भयभीत होकर छोड़कर भाग जाता है। दूसरी ओर मेषमाता अपने बच्चे को छीनने वाले को चुपचाप देखती रहती है, क्योंकि वह कमजोर है। इसलिए अपने जन्म पर दुःखी होकर आँसू बहाती रह जाती है।

कवि जागो फिर एक बार कविता में क्या उद्बोधन देता है?

कवि ने ‘जागो फिर एक बार’ कविता में भारतीयों को उद्बोधन दिया है । स्वतंत्रता प्राप्ति के महासंग्राम में योद्धा की तरह संघर्ष करो। अपनी वीस्वती परम्परा अक्षुण्ण रखने वाले भारतीय व्यक्ति को अपनी सम्पूर्ण कायरता को त्यागकर अपने पराक्र और पुरुषार्थी स्वरूप को जाग्रत करो

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