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जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय

जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय कक्षा 12 | jainendra kumar ka jivan parichay

hinditoper.com द्वारा लिखे गए जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय कक्षा 12 के इस लेख में जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय (jainendra kumar ka jivan parichay) दिया है। जिसमें जैनेंद्र कुमार का जन्म, प्रमुख रचनाएं, सम्मान, निधन तथा जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय संबंधित भाषा – शैली तथा साहित्य में स्थान निम्न है –

जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय कक्षा 12-jainendra kumar ka jivan parichay

जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय

जन्म – 2 जनवरी सन् 1905, अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश)

प्रमुख रचनाएं –

उपन्यास : परख, अनाम स्वामी, सुनीता, त्यागपत्र, कल्याणी, जयवर्धन, मुक्तिबोध।

निबंध संग्रह : प्रस्तुत प्रश्न, जड़ की बात, पूर्वोदय, साहित्य का श्रेय और प्रेय, सोच विचार, समय और हम।

प्रमुख सम्मान – पद्म भूषण, साहित्य अकादमी पुरस्कार और भारत भारती सम्मान

विशेष – सन् 1937 में प्रकाशित त्यागपत्र से जैनेंद्र कुमार जी को मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार की उपाधि मिली।

मृत्यु – 24 दिसंबर सन् 1990

भाषा – शैली (जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय कक्षा 12)

भाषा : हिंदी साहित्य जगत के अद्वितीय लेखक जैनेंद्र कुमार जी की भाषा शुद्ध साहित्यिक सरल, सहज भाषा है। अपनी भाषा में जैनेंद्र कुमार जी ने तत्सम शब्दों का बड़े अनोखे ढंग से प्रयोग किया है। साथ ही साथ तद्भव और फारसी, उर्दू भाषा के शब्दों का प्रयोग भी जैनेंद्र कुमार जी की भाषा में सहजता के साथ मिलता है।

शैली : हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण कथाकार के रूप में प्रतिष्ठित जैनेंद्र कुमार जी की शैली चर्चात्मक शैली है। चर्चात्मक शैली के अतिरिक्त अपनी रचनाओं के अनुसार अन्य शैलियों का प्रयोग भी जैनेंद्र कुमार जी ने विशेष रूप से किया है। बहुत सरल एवं अनौपचारिक से दिखने वाली शैली में उन्होंने समाज, राजनीति, अर्थनीति एवं दर्शन से संबंधित गहन प्रश्नों को सुलझाने की कोशिश भी की है।

साहित्य में स्थान (jainendra kumar ka jivan parichay)

साहित्य में स्थान : हिंदी साहित्य जगत के महानतम लेखकों में से एक जैनेंद्र कुमार जी की रचनाएं हिंदी साहित्य की अद्वितीय रचनाएं हैं। जैनेंद्र कुमार जी की रचनाएं हिंदी साहित्य के अनमोल धरोहर है। इनकी रचनाएं हमें सदैव सब मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी।

FAQ-जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय कक्षा 12

जैनेंद्र कुमार को और किस नाम से भी जाना जाता है?

जैनेंद्र कुमार जी को आधुनिक युग का प्रेमचंद भी कहा जाता है।

त्यागपत्र और दो चिड़िया किसकी रचनाएं है?

त्यागपत्र (सन् 1937 में) और दो चिड़िया (सन् 1935 में) जैनेंद्र कुमार जी की रचनाएं है।

जैनेंद्र कुमार द्वारा रचित सुनीता रचना की विधा कौन सी है?

जैनेंद्र कुमार द्वारा रचित सुनीता रचना की विधा उपन्यास है।

जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय संबंधित भाषा – शैली क्या है?

जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय संबंधित भाषा – शैली : जैनेंद्र कुमार जी की भाषा शुद्ध साहित्यिक सरल, सहज भाषा है तथा जैनेंद्र कुमार जी की शैली चर्चात्मक शैली है।

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