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त्रिलोचन का जीवन परिचय

त्रिलोचन का जीवन परिचय | trilochan jivan parichay

त्रिलोचन का जीवन परिचय के इस लिख में त्रिलोचन जी के काव्यगत विशेषताओं का वर्णन किया गया है। जिसमे मुख्य रूप से त्रिलोचन जी का जन्म और मृत्यु, प्रमुख रचनाएं, त्रिलोचन जी का भावपक्ष और कलापक्ष तथा त्रिलोचन जी का साहित्य में स्थान दिया गया है।

त्रिलोचन का जीवन परिचय

जन्म – 20 अगस्त, सन् 1917 में

मृत्यु – 9 दिसंबर, सन् 2007

प्रमुख रचनाएं – धरती, दिगंत, गुलाब और बुलबुल, अरघान, चैती, देशकाल आदि।

भावपक्ष

कलापक्ष

1 भाषा – त्रिलोचन जी की भाषा शुद्ध, सरल, सुस्पष्ट और प्रभावशाली है। इन्होंने अपनी रचनाओं को सरल भाषा में तथा आसानी से समझने योग्य पूर्ण लिखा है। त्रिलोचन जी की रचनाओं में सरलता, सहजता और प्रवाह है।

2 शैली – त्रिलोचन जी ने अपनी रचनाओं के अनुसार ही शैलियों का प्रयोग किया है। विवरणात्मक शैली का उपयोग खूबसूरती के साथ देखने को मिलता है।

साहित्य में स्थान

साहित्य में स्थान – आधुनिक काल के कवियों में प्रतिष्ठित त्रिलोचन का लोक जीवन से गहरा जुड़ाव रहा है, जो उनकी काव्य रचनाओं में विशेष रूप से दिखाई देता है। त्रिलोचन जी की रचनाएं हिंदी साहित्य की अनमोल धरोहर है। त्रिलोचन जी की सरलता और सहजता के कारण हमे सदैव स्मरणीय रहेंगे।

त्रिलोचन का जीवन परिचय संबंधित FAQ’s

त्रिलोचन जी का मूल नाम क्या है?

वासुदेव सिंह त्रिलोचन जी का मूल नाम है।

त्रिलोचन जी को कौन कौनसे पुरुस्कार से सम्मानित किया गया है?

साहित्य अकादमी, शलाका सम्मान और महात्मा गांधी पुरुस्कार

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