hinditoper.com

hinditoper.com
दोपहर का भोजन कहानी

दोपहर का भोजन कहानी प्रश्न उत्तर | Dopahar ka bhojan kahani का सारांश

इस आर्टिकल में हम दोपहर का भोजन कहानी के बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। Dopahar ka bhojan kahani के कहानीकार अमरकांत जी है, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ। Dopahar ka bhojan kahani के वस्तुनिष्ठ प्रश्न और उनके उत्तर, सारांश और दोपहर का भोजन कहानी के कहानीकार अमरकांत जी के द्वारा दिया गया संदेश आदि।

Dopahar ka bhojan kahani के कहानीकार अमरकांत जी का जीवन परिचय

अमरकान्त का साहित्यिक जीवन पत्रकारिता से प्रारम्भ हुआ। सबसे पहले उन्होंने आगरा से प्रकाशित होने वाली दैनिक पत्रिका ‘सैनिक’ के संपादकीय विभाग में कार्य करना प्रारम्भ किया। अमरकान्त नयी कहानी आन्दोलन के एक प्रमुख कहानीकार हैं। उनकी भाषा की सजीवता तथा शैली की सहजता पाठकों को प्रभावित करती है।

अमरकांत जी की रचनाएं

अमरकान्त जी की प्रमुख रचनाएं

1. उपन्यास – पराई डाल का पंछी, ग्राम सेविका, कंटीली राह के फूल, काले-उजले दिन, बीच की दीवार, काले-उजले दिन, सूखा पत्ता, सुन्नर पाण्डे की पतोह, लहरें, इन्हीं हथियारों से, विदा की रात ।

2. कहानी – मौत का नगर, मित्र मिलन तथा अन्य कहानियाँ, कला प्रेमी, कुहासा, तूफान, एक धनी व्यक्ति का बयान, सुःख और दुःख के साथ, जाँच और बच्चें, जिंदगी और जोंक, दोपहर का भोजन, देश के लोग, औरत का क्रोध ।

3. बाल साहित्य – वानर सेना, झगरू लाल का फैसला, दो हिम्मती बच्चे, नेऊर भाई, एक स्त्री का सफर, सुग्गी चाची का गाँव, खूँटा में दाल है।

दोपहर का भोजन कहानी के प्रश्न उत्तर

1. दोपहर का भोजन पाठ की विधा है?

     कहानी

2. दोपहर का भोजन कहानी के लेखक कौन है?

    अमरकांत जी

3. अमरकांत जी का जन्म कब हुआ?

    1 जुलाई सन् 1925 

4. अमरकांत जी का जन्म कहां हुआ?

    उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के तहसील रसड़ा के नगरा गांव में एक कायस्थ परिवार में 

5. अमरकांत जी ने किस पत्रिका का संपादन किया?

     सैनिक, अमृत पत्रिका और दैनिक भारत

6. अमरकांत को किस रचना के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला?

     इन्ही हथियारों से

7. वर्ष 2009 में अमरकांत को किस सम्मान से सम्मानित किया गया?

     व्यास सम्मान और ज्ञानपीठ पुरस्कार

8. दोपहर का भोजन कहानी का मुख्य पात्र कौन है?

     सिद्धेश्वरी

9. सिद्धेश्वरी जब उठकर अपने छोटे बेटे को देखती है तो उसके पुत्र पर………

     मक्खियां भिनभिना रही थी

10. अपने पुत्र को मक्खियों से बचने के लिए सिद्धेश्वरी ने क्या किया?

       उस पर ब्लाउज डाल दिया

11. सिद्धेश्वरी के बड़े बेटे का नाम क्या था?

      रामचंद्र

12. रामचंद्र की उम्र क्या थी?

      21 वर्ष

13. सिद्धेश्वरी के मंझले बेटे का नाम क्या था?

      मोहन

14. मोहन की उम्र क्या थी?

      18 वर्ष

15. सिद्धेश्वरी के सबसे छोटे बेटे का नाम क्या था?

      प्रमोद

16. सबसे छोटे बेटे की उम्र क्या थी?

     6 वर्ष

17. सिद्धेश्वरी ने रामचंद्र को खाने के लिए क्या परोसा?

       चने की तरकारी, रोटी और पनियाईं दाल

18. रामचंद्र कहां नौकरी करता था?

      एक स्थानीय समाचार पत्र में

19. घर के मुखिया का नाम क्या था?

       मुंशी चंद्रिका प्रसाद

20. सब लोगों के भोजन करने के बाद घर में कितनी रोटियां बची थी?

       एक

21. सिद्धेश्वरी के कसम डालने पर मुंशी जी ने क्या मांगा?

       गुड़ और गुड़ का ठंडा रस

22. बची हुई एक रोटी का सिद्धेश्वरी ने क्या किया?

       आधी खा ली और आधी छोटे बेटे के लिए बचा दी

23. दोपहर का भोजन कहानी में अमरकांत जी ने किसका चित्रण किया है?

        पारिवारिक जीवन का

24. सिद्धेश्वरी के परिवार में कुल कितने सदस्य थे?

        पांच

25. अमरकांत को किन की परंपरा का कहानीकार माना जाता है?

      मुंशी प्रेमचंद जी

26. अमरकांत जी को हिंदी साहित्य अकादमी पुरस्कार किस वर्ष मिला?

       वर्ष 2007 में

27. दोपहर का भोजन कहानी में सिद्धेश्वरी झूट क्यों बोलती है?

      परिवार ने एकता बनाए रखने के लिए

28. पानी लेकर गट गट चढ़ा गई। गट गट शब्द में कौनसा अलंकार है?

      पुनरुक्ति

29. अमरकांत आगरा क्यों गए थे?

       पत्रकार बनने

30. अमरकांत का जन्म किस परिवार में हुआ?

      कायस्थ परिवार में

31. सिद्धेश्वरी के कुल कितने पुत्र थे?

       तीन

32. उसके गले तथा छाती की हड्डियां साफ दिखाई दे रही है। यह कथन किसके बारे में कहा गया है?

      प्रमोद

33. रामचंद्र क्या काम सिख रहा था?

      प्रूफ रीडिंग का

34. सिद्धेश्वरी और मुंशी जी बड़का किसको कहते थे?

       उनके बड़े पुत्र रामचंद्र को

35. बटलोई क्या है?

     खाना बनाने का बर्तन

36. सिद्धेश्वरी की आंख से आंसू क्यों निकल आए?

       किसी को भी भर पेट भोजन ना मिलने पर

37. Dopahar ka bhojan में पैबंद का शाब्दिक अर्थ है?

      फटे कपड़े में दूसरा कपड़ा जोड़कर फटे कपड़े को जोड़ना

38. Dopahar ka bhojan kahani में मुंशी जी कहां काम करते थे?

       मकान किराया नियंत्रण विभाग में

दोपहर का भोजन कहानी का सारांश

अमरकांत जी द्वारा दिया गया संदेश

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *