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धर्मवीर भारती का जीवन परिचय

धर्मवीर भारती का जीवन परिचय । dharmveer bharti ka jeevan parichay

hinditoper.com द्वारा लिखे गए धर्मवीर भारती का जीवन परिचय (dharmveer bharti ka jeevan parichay) कक्षा 12 के इस लेख में धर्मवीर भारती का जीवन परिचय दिया है, जिसमें धर्मवीर भारती का जन्म, प्रमुख रचनाएं, सम्मान, निधन तथा धर्मवीर भारती का जीवन परिचय संबंधित भाषा – शैली तथा साहित्य में स्थान निम्न है –

धर्मवीर भारती का जीवन परिचय

जन्म – 25 दिसंबर, सन 1926 में (प्रयागराज, उत्तर प्रदेश)

प्रमुख रचनाएं –

कविता संग्रह : कनुप्रिया, ठंडा लोहा, सात गीत वर्ष, आद्यन्त।

कहानी संग्रह : मुर्दों का गांव, स्वर्ग और पृथ्वी, सांस की कलम से, बंद गली का आखिरी मकान, चांद और टूटे हुए लोग।

एकांकी एवं नाटक : नीली झील, आवाज का नीलम, नदी प्यासी थी।

निबंध संग्रह: कहनी अनकहनी, ठेले पर हिमालय, मानव मूल्य और साहित्य, पश्यन्ती।

गीति नाट्य : अंधा युग।

धर्मवीर भारती का जीवन परिचय

प्रमुख सम्मान व पुरस्कार – सन 1972 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित। अन्य : भारत भारती पुरस्कार, महाराष्ट्र सरकार द्वारा महाराष्ट्र गौरव, सर्वश्रेष्ठ नाटककार पुरस्कार, व्यास सम्मान आदि कई राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित।

साप्ताहिक पत्रिकाएं – धर्मयुग के मुख्य संपादक, निकष पत्रिका, संगम पत्रिका के संपादक श्री इलाचंद्र जोशी के सह संपादक थे।

मृत्यु – 4 सितंबर, सन 1997 में

विशेष – एक सरस और भावपूर्ण प्रेम कथा “गुनाहों का देवता” विधा उपन्यास नामक रचना से साहित्य जगत में एक विशेष पहचान मिली।

धर्मवीर भारती की भाषा शैली

हिंदी साहित्य के महानलेखक धर्मवीर भारती की भाषा शैली निम्न है –

भाषा – धर्मवीर भारती का जीवन परिचय

भाषा – हिंदी साहित्य जगत के अद्वितीय लेखकों में से एक धर्मवीर भारती जी ने अपनी काव्य रचनाओं को लिखने के लिए एक विशेष भाषा का चयन नहीं किया है। धर्मवीर भारती जी ने कई भाषाओं को मिश्रित कर अपनी स्वयं की एक सरल सहज भाषा बनाई है।

शैली – dharmveer bharti ka jeevan parichay

शैली – धर्मवीर भारती जी ने अपनी काव्य रचनाओं के अनुसार अलग-अलग शैलियों का प्रयोग किया है जो निम्न है :-

मनोवैज्ञानिक शैली – अपने मन के भाव को जन मानस तक पहुंचने तथा उनके आंतरिक भावनाओं को समझने में कुशल भारती जी ने इस शैली का प्रयोग किया है। मनोवैज्ञानिक शैली का वर्णन भारती जी की कहानियां तथा उपन्यास में विशेष तरीके से मिलता है।

वर्णनात्मक शैली – धर्मवीर भारती जी ने अपनी रचनाओं में जहां – जहां घटनाओं, प्रकृति का चित्रण, स्थानों का वर्णन किया है, वहां वर्णनात्मक शैली का प्रयोग किया है।

चित्रात्मक शैली – धर्मवीर भारती जी ने अपनी रचनाओं में शब्दों का चयन इस प्रकार किया है कि उनकी रचनाओं को पढ़कर पाठक के मन में एक चित्र अंकित (रचना संबंधी चित्र) हो जाता है।

साहित्य में स्थान – dharmveer bharti ka jeevan parichay

साहित्य में स्थान – हिंदी साहित्य जगत के अनोखे लेखक धर्मवीर भारती जी की एक खासियत यह भी है कि इनकी काव्य रचनाएं हर उम्र और हर वर्ग के पाठकों के बीच लोकप्रिय है। भारती जी का गद्य लेखन सहज और आत्मीय है। धर्मवीर भारती की रचना सीधे पाठकों के मन को छू लेती है। यह साहित्य के अमिट लेखक है।

FAQ – धर्मवीर भारती का जीवन परिचय

धर्मवीर भारती जी किस युग के लेखक थे?

धर्मवीर भारती जी शुक्ल युग व स्वातन्त्र्योत्तर युग के लेखक थे।

ठेले पर हिमालय किस लेखक की रचना है?

ठेले पर हिमालय धर्मवीर भारती (सन 1926 से – सन 1997तक) जी की रचना है। जो भारती जी द्वारा लिखे गए निबंध संग्रह में की एक कृति है।

भारत सरकार द्वारा धर्मवीर भारती को कौन सा सम्मान प्राप्त है?

भारत सरकार द्वारा धर्मवीर भारती को सन 1972 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था।

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