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याचक और दाता की कहानी

याचक और दाता की कहानी Class 8 | याचक और दाता का सारांश

याचक और दाता की कहानी

इस कहानी में यह बताया गया है कि ममता का भाव बिना भेद- भाव किए, निस्वार्थ भाव से सेवा करने को उत्साहित करता है। दूसरी ओर पूँजीवादी, सामंतवादी शक्तियाँ मानवीय मूल्यों का पतन कर देती हैं। कहानी में एक वृद्धा फूल आदि बेचती है। और एक बच्चे का पालन-पोषण भी करती है। यह बच्चा उसका नहीं है, फिर भी उसके लिए धन-संग्रह कर एक सेठ के यहाँ जमा करती है। आवश्यकता पड़ने पर वह सेठ धन लौटाने से मुकर जाता है लेकिन जब उसे पता चलता है कि वह बच्चा उसका ही खोया हुआ पुत्र है, तब वह एकदम बदल जाता है।

लेखक रविन्द्र नाथ टैगोर का जीवन परिचय

रवीन्द्रनाथ ठाकुर – ‘याचक और दाता’ कहानी रवीन्द्रनाथ ठाकुर की ‘भिखारिन’ कहानी पर आधारित है। रवीन्द्रनाथ जी बंगला साहित्य के प्रख्यात साहित्यकारों में से एक हैं। आपने अनेक कहानी-संग्रह, नाटक, कविताएँ, जो बंगला साहित्य की धरोहर हैं, लिखी हैं। हमारे राष्ट्रगान के रचयिता रवीन्द्रनाथ ठाकुर ही हैं। उन्हें साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

याचक और दाता की कहानी वस्तुनिष्ठ प्रश्न और उत्तर

1. वृद्धा प्रतिदिन कहा जाकर खड़ी होती?

     मंदिर के दरवाजे के पास

2. वृद्धा किसको पुकारती?

    दर्शन करने वालों को

3. वृद्धा नेत्रहीन थी?

     सत्य

4. याचक और दाता पाठ के लेखक कौन है?

    रविन्द्र नाथ टैगोर

5. याचक और दाता पाठ किस कहानी पर आधारित है?

    भिखारिन

6. दर्शन करने वालों से वृद्धा क्या कहती?

    ये फूल चढ़ावा तो लेते जाओ

7. दर्शन करने वालों को क्या कहते है?

    दर्शनार्थी

8. वृद्धा का बेटा कितने वर्ष का था?

   10 वर्ष का

9. किसकी तड़प ने वृद्धा की जिजीविषा बढ़ा दी?

     वात्सल्य

10. बच्चा किसका स्नेह पाकर प्रसन्न था?

       मां का

11. वृद्धा के पास जो बच्चा था वह उसका स्वयं का नहीं था?

     सत्य, वहा किसी और का था

12. असल में बच्चा किसका था?

       सेठ बनारसी दास का

13. वृद्धा ने अपनी झोपड़ी में क्या गाड़ राखी थी?

       हांडी

14. मंदिर के पुजारी की दया किस पर थी?

      वृद्धा पर

15. सेठ का नाम क्या था?

      सेठ बनारसी दास

16. सेठ बनारसी दास क्या थे?

      देवभक्त और धर्मात्मा

17. सेठ बनारसी दास की कोठी पर किसकी भिड़ लगी रहती थी?

      जरूरतमंदों की

18. वृद्धा हांडी को कहा ले गई?

      सेठ बनारसी दास के पास

19. वृद्धा को किस बात की आशंका थी?

      की उसकी हांडी कही चोरी न हो जाए

20. ऐनक का अर्थ है?

      चश्मा

21. मुनीम किसे कहते है?

       सेठ का हिसाब किताब रखने वाले को

22. सेठ बनारसी दास जी के पास वृद्धा कितने समय बाद गई?

       2 वर्ष बाद अपनी हांडी लेने

23. सेठ बनारसी दास कहा बैठे थे?

       अपने कोठे के आसन पर

24. वृद्धा के बच्चे को क्या हो गया था?

       ज्वार (बुखार)

25. पत्थर में जोंक न लगना मुहावरे का अर्थ है?

       कुछ फर्क न पड़ना

26. टस से मस न होना मुहावरे का अर्थ है?

       अपनी जिद पर अड़े रहना

27. सेठ बनारसी दास जी के बेटे का नाम क्या था?

       मोहन

28. क्या सेठ बनारसी दास जी का बेटा खो गया था?

       हां, सात वर्ष पूर्व मेले में

29. सेठ बनारसी दास जी का बेटा मोहन कब खोया था?

       सात वर्ष पहले मेले में

30. बच्चे के शरीर पर किस चिन्ह को पहचान कर सेठ बनारसी दास चिल्ला उठे?

       जांघ पर लाल रंग के निशान को देखकर

31. किसी व्यक्ति के पास पूछे गए प्रश्न का उत्तर न होना, एक वाक्य में क्या कहेंगे?

    निरुत्तर

32. बच्चे के आंख खोलने पर उसने किसको याद किया?

       मां को

33. हाथ पांव फूलना मुहावरे का अर्थ है?

       घबरा जाना

34. वृद्धा टाट पर ………….  लेटी आंसू बहा रही थी?

       निस्तब्ध

35. वक्त ने किसके सामने सेठ बनारसी दास को याचक बना दिया?

       वृद्धा के सामने

36. याचक का शाब्दिक अर्थ है?

      बिखारी, भीख मांगने वाला

37. मोहन किस प्रकार स्वस्थ हुआ?

       मां की ममता और प्रेम से

38. पाठ याचक और दाता के अनुसार कौन याचक था?

       सेठ बनारसी दास 

39. पाठ याचक और दाता के अनुसार कौन दाता था?

       वृद्धा

40. पाठ में वृद्धा किस से महान हो गई?

       सेठ बनारसी दास से

याचक और दाता की कहानी प्रश्न और उत्तर

  1. वृद्धा मंदिर के पास क्या काम करती थी?
  • वृद्धा मंदिर के पास फूल बेचने का काम करती थी। वृद्धा अपनी मीठी आवाज से दर्शनार्थियों को आकर्षित करती और उन्हे फूल बेचती।
  1. सेठ बनारसी दास जी के यहां किन लोगों की भीड़ लगी रहती थी?
  • सेठ बनारसी दास जी के यहां जरूरतमंदों की और मजदूरों की। कुछ अपनी अमानत रखने आते तो कुछ कर्जा लेने।
  1. वृद्धा सेठ बनारसी दास जी के यहां क्या मांगने गई थी?
  • वृद्धा सेठ बनारसी दास जी के यहां अपनी जमा की हुई हांडी को मांगने गई थी जो उसने सेठजी के यहां जमा कराई थी।
  1. सेठ बनारसी दास जी ने अपने बच्चे की पहचान कैसे की?
  • सेठ बनारसी दास जी का बेटा सात साल पहले मेले में खो गया था, जो वृद्धा को मिल गया था। जांघ पर लाल रंग का चिन्ह को देखकर सेठ अपने बेटे को पहचान लिया।
  1. बच्चा फिर से बीमार क्यों पड़ गया?
  • बच्चा फिर से बीमार इसीलिए पड़ गया क्यूंकि उसके आपस उसकी मां नही थी। उसने जब अपनी आंखे खोली और उसने देखा कि उसकी मां उसके पास नही है, यही देखकर बच्चा फिर से बीमार पड़ गया।

याचक और दाता की कहानी रिक्त स्थान

1. वृद्धा ……………. टाट पर लेटी हुई आंसू बहा रही थी।

     निस्तब्ध होकर

2. असहाय बच्चे को देख मां का …………….. जाग उठा।

     ममत्व

3. आसुओं में फूलों का ……………….. और ममता की गंध थी।

    मकरंद

4. सेठ जी बच्चे को देखकर …………. रह गए।

     हतप्रभ

5. वात्सल्य की तड़प ने वृद्धा की ………………… बढ़ा दी थी।

    जिजीविषा

मुहावरों का अर्थ और वाक्यों में प्रयोग

1. टस से मस न होना

   अर्थ – अपनी जिद पर अड़े रहना

   प्रयोग – वृद्धा अपनी हांडी लेने के लिए सेठ बनारसी दास जी के सामने से टस से मस नहीं हुई।

2. हाथ पांव फूल जाना

    अर्थ – घबरा जाना

    प्रयोग – सेठ बनारसी दास अपने बेटे मोहन को बीमारी अवस्था में देखकर उसके हाथ पांव फूल गए।

3. चंगुल में दबाना

    अर्थ – अपने बस में करना

4. तांता बांधना

   अर्थ – कतार में लगना

    प्रयोग – सेठ बनारसी दास जी के यहां मजदूरों और कर्जदारों का तांता बांधा रहता है।

5. जान में जान आना

     अर्थ – मुसीबत से निकलकर निश्चिंत होना

     प्रयोग – वृद्धा के बेटे की जान बचाने के बाद ही सेठ बनारसी दास को जान में जान आई।

याचक और दाता का सारांश

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