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रघुवीर सहाय का जीवन परिचय

रघुवीर सहाय का जीवन परिचय | raghuvir sahay ka jivan parichay

hinditoper.com द्वारा लिखे गए रघुवीर सहाय का जीवन परिचय कक्षा 12 के इस लेख में रघुवीर सहाय का जीवन परिचय (raghuvir sahay ka jivan parichay) दिया है, जिसमें रघुवीर सहाय जी का जन्म, प्रमुख रचनाएं, सम्मान, निधन तथा रघुवीर सहाय की काव्यगत विशेषताएँ – भाव पक्ष, कला पक्ष तथा साहित्य में स्थान निम्न है –

रघुवीर सहाय का जीवन परिचय

जन्म – 9 दिसंबर, सन 1929 लखनऊ में (उत्तर प्रदेश)

प्रमुख रचनाएं –

काव्य संग्रह : सीढ़ियों पर धूप में, आत्महत्या के विरुद्ध, लोग भूल गए हैं, कुछ पते कुछ चिट्ठियां, हंसो हंसो जल्दी हंसो, एक समय था।

आरंभिक कविताएं : रघुवीर सहाय जी की प्रारंभिक कविताएं अज्ञेय द्वारा संपादित सन 1951 में दूसरे तार सप्तक में संपादित हुई।

पत्रकारिता : ऑल इंडिया रेडियो के हिंदी समाचार विभाग से संबंध, कल्पना पत्रिका, दैनिक नवभारत टाइम्स, प्रतीक, वाक तथा दिन मान।

प्रमुख सम्मान – साहित्य अकादमी पुरस्कार।

निधन – 30 दिसंबर सन 1990, दिल्ली में

विशेष – रघुवीर सहाय जी का सन 1967 में प्रकाशित “आत्महत्या के विरुद्ध” काव्य संग्रह प्रसिद्ध है।

रघुवीर सहाय का जीवन परिचय

रघुवीर सहाय की काव्यगत विशेषताएँ

रघुवीर सहाय की काव्यगत विशेषताएँ (भाव पक्ष, कला पक्ष तथा साहित्य में स्थान) निम्न है –

भाव पक्ष – raghuvir sahay ka jivan parichay

साहित्यकार और पत्रकार के रूप में विख्यात रघुवीर सहाय जी का भाव पक्ष निम्न है –

मध्यवर्गीय जीवन आधारित रचनाएं : रघुवीर सहाय जी ने अपनी काव्य रचनाओं में मध्यवर्गीय जीवन का यथार्थ चित्रण किया है। इन्होंने अपनी रचना में मध्यवर्गीय परिवार की समस्याओं को और चिंताओं को व्यक्त किया है।

राजनीतिक खोखलेपन पर तीक्ष्ण प्रहार : रघुवीर सहाय जी ने अपनी विभिन्न पत्रिकाओं के माध्यम से राजनीतिक खोखलेपन को आम जनमानस तक पहुंचाया है। तथा इन खोखले सिद्धांतो पर और वादों पर व्यंग्य भी कसा है।

कला पक्ष – raghuvir sahay ka jivan parichay

हिंदी साहित्यिक क्षेत्र के साथ – साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में भी अपनी छाप छोड़ने वाले रघुवीर सहाय जी का कला पक्ष निम्न है –

भाषा : रघुवीर सहाय जी की भाषा शुद्ध साहित्यिक खड़ी बोली है, जिसमें संस्कृत भाषा के तत्सम, तद्भव तथा देशज विदेशज शब्दों का भी बहुल्यता से प्रयोग किया गया है। सहाय जी की भाषा सरल एवम् आसानी से समझ आने वाली भाषा है।

शैली : अपनी काव्य रचनाओं के अनुसार रघुवीर सहाय जी ने कई प्रकार की शैलियों का प्रयोग किया है। जिनमें व्यंगात्मक, वर्णात्मक, निबंधात्मक आदि कई शैलियां प्रमुख है।

साहित्य में स्थान – रघुवीर सहाय का जीवन परिचय

साहित्य में स्थान – हिंदी साहित्य जगत में रघुवीर सहाय जी का योगदान अविस्मरणीय है। इनकी रचनाएं हिंदी साहित्य की अनमोल धरोहर है। पत्रकार के रूप में इन्होंने समाज तथा राजनीति के खोखले सिद्धांतो पर तीक्ष्ण प्रहार किया है। रघुवीर सहाय जी की रचनाएं हमे सदैव सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी।

FAQ – रघुवीर सहाय का जीवन परिचय

रघुवीर सहाय हिंदी साहित्य में किस युग के कवि हैं?

रघुवीर सहाय हिंदी साहित्य में ‘नई कविता’ युग के कवि हैं।

रघुवीर सहाय जी को भारत सरकार द्वारा कौन सा सम्मान दिया गया था?

रघुवीर सहाय जी को भारत सरकार द्वारा सन 1982 में ‘लोग भूल गए हैं’ रचना के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया था।

रघुवीर सहाय जी के माता – पिता तथा पत्नी का नाम क्या था?

रघुवीर सहाय जी की माता का नाम तारा देवी, पिता का नाम हरदेव सहाय तथा पत्नी का नाम विमलेश्वरी सहाय था।

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