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लखनवी अंदाज mcq

लखनवी अंदाज mcq | लखनवी अंदाज question answer

इस article में लखनवी अंदाज पाठ के लेखक के बारे में । lakhnavi andaaz question answerलखनवी अंदाज mcq और लखनवी अंदाज पाठ का सारांश दिया गया है ।

लेखक यशपाल जी का परिचय

यशपाल जी की रचनाओं में आम आदमी के सरोकारों की उपस्थिति है। वे यथार्थवादी शैली के विशिष्ट रचनाकार हैं। सामाजिक विषमता, राजनैतिक पाखंड और रूढ़ियों के खिलाफ़ उनकी रचनाएँ मुखर हैं।

उनके कहानी संग्रहों में ज्ञानदान, तर्क का तूफ़ान, पिंजरे की उड़ान, वा दुलिया, फूलो का कुर्ता उल्लेखनीय हैं। उनका झूठा सच उपन्यास भारत विभाजन की त्रासदी का मार्मिक दस्तावेज़ है। अमिता, दिव्या, पार्टी कामरेड, दादा कामरेड, मेरी तेरी उसकी बात, उनके अन्य प्रमुख उपन्यास हैं। भाषा की स्वाभाविकता और सजीवता उनकी रचनागत विशेषता है।

लखनवी अंदाज पाठ का लघु परिचय

यूँ तो यशपाल ने लखनवी अंदाज़ व्यंग्य यह साबित करने के लिए लिखा था कि बिना कथ्य के कहानी नहीं लिखी जा सकती परंतु एक स्वतंत्र रचना के रूप में इस रचना को पढ़ा जा सकता है।

यशपाल उस पतनशील सामंती वर्ग पर कटाक्ष करते हैं जो वास्तविकता से बेखबर एक बनावटी जीवन शैली का आदी है। कहना न होगा कि आज के समय में भी ऐसी परजीवी संस्कृति को देखा जा सकता है।

लखनवी अंदाज mcq / lakhnavi andaaz question answer

1. लखनवी अंदाज पाठ की विधा क्या है?

व्यंग निबंध

2. Lakhnavi andaaz पाठ किसकी रचना है?

यशपाल की

3. यशपाल जी का जन्म कब हुआ?

सन् 1903 में

4. यशपाल का जन्म कहा हुआ था?

फिरोजपुर, छावनी (पंजाब)

5. प्रारंभिक शिक्षा यशपाल ने कहा से प्राप्त की?

कांगड़ा में

6. यशपाल की मृत्यु कब हुई?

सन् 1976 में

7. भारत विभाजन की त्रासदी का मार्मिक दस्तावेज क्या है?

झूठा सच उपन्यास

8. झूटा सच उपन्यास के लेखक कौन है?

यशपाल

9. मुफस्सिल का शाब्दिक अर्थ क्या है?

केंद्रस्थ नगर के आसपास के स्थान

10. लेखक ट्रेन की कौनसी क्लास में बैठे थे?

सेकंड क्लास में

11. लेखक यशपाल ने सेकंड क्लास का टिकट क्यों लिया?

भीड़ से बचने और नई कहानी के संबंध में सोचने के लिए

12. लेखक के सामने कौन बैठा था?

लखनऊ की नवाबी नस्ल के एक सफेदपोश सज्जन

13. ट्रेन में यात्री जिस सीट पर बैठते है उसे रेलवे की भाषा में क्या कहा जाता है?

बर्थ

14. सफेदपोश सज्जन के सामने क्या रखा था?

दो ताजे खीरे

15. सफेदपोश का अर्थ है?

भद्र व्यक्ति

16. लेखक को आदत थी?

कल्पना करने की

17. लेखक क्या अनुमान लगाने लगे?

नवाब साहब की असुविधा और संकोच के बारे में

18. खीरे के नीचे क्या बिछा था?

तोलिया

19. खीरे के सिर को काटकर उन्हे गोदा क्यों जाता है?

कड़वाहट निकलने के लिए

20. खीरा बेचने वाले ग्राहक को खीरे के साथ क्या देते है?

जीरा मिला नमक और पिसी हुई लाल मिर्च

21. नवाब साहब के मुंह में पानी क्यों आ गया?

तौलिए पर रखे नमक मिर्च में लिपटे खीरे के कारण

22. खीरे कौन लाया था?

लखनऊ के नवाब साहब

23. लखनवी अंदाज के अनुसार मेदा का अर्थ है?

आमाशय

24. नवाब साहब ने खीरा खाया?

नही

25. लेखक के अनुसार नवाब साहब क्या कहना चाह रहे थे?

खीरा बाहर फेंककर – खानदानी रईसों का तरीका।

लखनवी अंदाज पाठ का सारांश

नवाब साहब बड़े ही अजीब थे, ट्रेन में खीरा धोया, उसे कटा और जीरा नमक मिर्च से सजाया परंतु वासना से रसास्वादन कर खिड़की से बाहर फैंक दिया।

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