hinditoper.com

hinditoper.com
सूरदास का जीवन परिचय

सूरदास का जीवन परिचय class 10

सूरदास का जीवन परिचय

सूरदास जी का जन्म – सन् 1478 ई.

सूरदास जी का जन्म प्रथम मान्यता के अनुसार मथुरा के निकट रेणुका क्षेत्र में, दूसरी मान्यता के अनुसार दिल्ली के पास सीही नामक स्थान पर

सूरदास जी की मृत्यु – सन् 1583 ई.

सूरदास की रचनाएं – सूरदास जी की प्रमुख तीन रचनाएं है। जिनका नाम सुरसरावली, साहित्य लहरी, और सूरसागर

प्रचलित अरबी, फारसी शब्दों के साथ गुजराती, खड़ी बोली आदि भाषा के शब्द भी प्रयोग किए गए हैं। सूरदास ने मुक्तक शैली में करने मर्मस्पर्शी काव्य रचना की है। शैली की दृष्टि से गीतों की पद शैली को अपनाया है। सूरदास ने अलंकारों का स्वाभाविक प्रयोग किया है त्रिमयक, श्लेष, उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा आदि अलंकारों का बड़ा ही सुंदर तथा सटीक प्रयोग अपने काव्य में किया है सूरदास की शैली प्रभावी, सजीव तथा सरल है।

साहित्य में स्थान – सूरदास जी का हिंदी साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान है। वे हिंदी साहित्य परंपरा के उन्नायक कवि है। सूरदास को वात्सल्य रस और श्रृंगार रस का सम्राट माना जाता है। अर्थात सूरदास की काव्य रचनाओं में वत्सल नामक रस की प्रधानता है। सूरदास गीत काव्य के अमर गायक है। उद्धव जैसे ज्ञानी भी उन्हें संतुष्ट नहीं कर पाते हैं। सूरदास विश्व साहित्य के महान कवि है।

1 thought on “सूरदास का जीवन परिचय class 10”

  1. Pingback: तुलसीदास का जीवन परिचय और उनकी रचनाएँ | कक्षा 10 PDF

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *