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सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जीवन परिचय

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जीवन परिचय pdf | सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की प्रमुख रचनाएं

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जीवन परिचय

जन्म – सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का जन्म सन 1899 ई. में वसंत पंचमी के दिन बंगाल के मेदिनीपुर जिले की महिषादल नामक रियासत में हुआ था।

मृत्यु – मृत्यु सन 1961 में

प्रमुख रचनाएं – सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की प्रमुख रचनाएं अनामिका, परिमल, गीतिका, तुलसीदास अपरा आदि।

भावपक्ष

भावपक्ष – निराला ने अपने काव्य में प्रेम और सौंदर्य के चित्रों का मोहन चित्रण किया है। उनके सौंदर्य वर्णन में ताजगी, आकर्षकता एवं स्वच्छंदता है। निराला ने अपने काव्य में प्रकृति का सजीव चित्रण किया है। उनका प्रकृति वर्णन अत्यंत मधुर एवं हृदयस्पर्शी है।

कलापक्ष

भाषा – सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी की भाषा भाव के अनुकूल बदलती जाती है। देश प्रेम तथा भक्तिपरक कविताओं में उनकी भाषा अत्यंत सरल है और गंभीर रचनाओं में उनकी भाषा की कठिन एवं संस्कृतनिष्ट है।

शैली – सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की प्रमुख दो शैलिया लिया है। उत्कृष्ट छायावादी गीतों के लिए इन्होंने लंबी तत्सम एवं दुरुह शैली का प्रयोग किया। सरल, प्रवाहपूर्ण प्रचलित उर्दू शब्दों के लिए व्यंगपूर्ण और चुटीली शैली का प्रयोग किया।

साहित्य में स्थान

साहित्य में स्थान – सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का आधुनिक कवियों में उत्कृष्ट स्थान है। उन्होंने मुक्तक छंद की रचना की। निराला जी ने हिंदी कविता को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने हिंदी कविताओं को नवीन शैलियों और विषयों में समृद्ध किया। निराला जी का हिंदी साहित्य के उत्कृष्ट रचनाकार कवि है।

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जीवन परिचय FAQ’s


सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की प्रमुख रचनाएं कौन कौन सी हैं?

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की प्रमुख रचनाएं अनामिका, परिमल, गीतिका, तुलसीदास अपरा आदि।

सूर्यकांत त्रिपाठी का उपनाम क्या था?

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का उपनाम ‘निराला‘ था।


सूर्यकांत त्रिपाठी का मृत्यु कब हुई?

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की मृत्यु 15 अक्टूबर सन 1961 को इलाहाबाद में हुई।

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