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circuit switching in computer networks

circuit switching in computer networks | सर्किट स्विचिंग

hinditoper.com द्वारा लिखे गए circuit switching in computer networks के इस लेख में सर्किट स्विचिंग किसे कहते हैं(circuit switching in computer networks in hindi)? विस्तृत रूप से समझाया गया है। तथा सर्किट स्विचिंग की महत्वपूर्ण विशेषताओं का भी वर्णन किया गया है। साथ ही साथ difference between circuit switching and packet switching और कुछ FAQ भी दिए गए हैं –

circuit switching in computer networks-हिंदी में

सर्किट स्विचिंग को सामान्यता telephone network के लिए डिजाइन किया गया था। सर्किट स्विचिंग तब उपयोग में आती थी, जब OSI मॉडल को develop नहीं किया गया था।

Telephone network में टेलीफोन डिवाइस को आपस में कनेक्ट करने के लिए सर्किट स्विचिंग का use किया जाता था, क्योंकि डिवाइस के बीच एक प्रकार से फिजिकल कनेक्शन को स्थापित किया जाता था। वर्तमान में सर्किट स्विचिंग की फंक्शनालिटी को देख कर इसे OSI मॉडल के डेवलपर्स ने लास्ट लेयर में रखा है, अर्थात OSI मॉडल की फिजिकल लेयर में सर्किट स्विचिंग को रखा गया है।

circuit switching in computer networks

जैसा कि इस स्विचिंग के नाम से ही पता लगता है कि इस स्विचिंग में सर्किट बनाता है जब कम्युनिकेशन के लिए इसे use किया जाता है तो एक नया path या नया सर्किट बन जाता है जो सिर्फ उन सेंडर तथा रिसीवर के लिए ही डेडिकेट(dedicate) रहता है, जो इसे इस्तेमाल कर रहे हैं।

जैसा कि हम फोन या मोबाइल पर बात करते हैं तो लगातार ही कम्युनिकेशन चलता रहता है। तब उस समय यदि कोई और आपसे बात करना है चाहे तो आपका फोन busy (व्यस्त) आता है, क्योंकि उस समय उस path को कोई और use नहीं कर सकता है परंतु आज के दौर में यह संभव है।

Circuit switching में डाटा का प्रवाह क्रमित रुप से ही होता है अर्थात यदि आपने कम्युनिकेशन के दौरान बोला है कि तुम कहां हो? तो सामने वाले के पास (अर्थात रिसीवर के पास) यह मैसेज तुम कहां हो? इस तरीके से ही जाएगा, message आगे पीछे नहीं होगा। सर्किट स्विचिंग में किसी भी प्रकार के एड्रेस की जरुरत नहीं होती है, क्योंकि सर्किट स्विचिंग physically रूप से कनेक्शन को बनाए रखती है।

सर्किट स्विचिंग में डाटा के ट्रांसमिशन के दौरान जो टोटल टाइम होता है, वह इस प्रकार होगा –

Total Time of circuit switching in computer networks = Setup Time + TT + PD + Tear Down Time

TT = Transmission Time

PD = Propagation time

characteristics of circuit switching in computer networks

कंप्यूटर नेटवर्क में सर्किट स्विचिंग की प्रमुख विशेषताएं निम्न है –

1. सर्किट स्विचिंग में सेंडर तथा रिसीवर के बीच अर्थात सोर्स से डेस्टिनेशन के बीच फिजिकल रुप से कनेक्शन established होता है।

2. सर्किट स्विचिंग में डाटा का transmission continuously (लगातार) होता रहता हैं। जब तक कनेक्शन कट नहीं हो जाता तब तक data आसानी से transmit होता रहता है।

3. circuit switching in computer networks में डाटा या सूचना का ओवर फ्लो नहीं होता है, अर्थात मैसेज या डाटा को सेंडर ने जिस sequence में भेजा है receiver की साइड भी उसी sequence में आएगा।

4. सर्किट स्विचिंग में डाटा को ट्रांसमिट करने के लिए एक बार ही कनेक्शन को जोड़ना होता है। एक बार कनेक्शन स्थापित होने के बाद डाटा लगातार flow होता रहता है।

difference between circuit switching and packet switching

सर्किट स्विचिंग तथा पैकेट स्विचिंग में मुख्य अंतर तालिका के माध्यम से निम्न है –

circuit switching in computer networkspacket switching in computer networks
सर्किट स्विचिंग में sender तथा रिसीवर के बीच एक फिजिकल path होता है।पैकेट स्विचिंग में सेंडर तथा रिसीवर के बीच कोई फिजिकल path नहीं होता है।
सर्किट स्विचिंग में डाटा एक ही path को फॉलो कर डेस्टिनेशन तक पहुंचाते हैं।पैकेट स्विचिंग में सभी डाटा पैकेट अलग-अलग path को फॉलो करते हैं।
सर्किट स्विचिंग में बैंडविथ व्यर्थ जाती है।पैकेट स्विचिंग में बैंडविथ व्यर्थ नहीं जाती है।
सर्किट स्विचिंग में स्टोर एंड फॉरवार्ड ट्रांसमिशन फॉलो नहीं होता है।पैकेट स्विचिंग में स्टोर एंड फॉरवार्ड ट्रांसमिशन फॉलो होता है।

FAQ of circuit switching in computer networks

सर्किट स्विचिंग किसे कहते हैं?

इस स्विचिंग के नाम से ही पता लगता है कि इस स्विचिंग में सर्किट बनाता है जब कम्युनिकेशन के लिए इसे use किया जाता है तो एक नया path या नया सर्किट बन जाता है जो सिर्फ उन सेंडर तथा रिसीवर के लिए ही डेडिकेट रहता है, जो इसे इस्तेमाल कर रहे हैं।

सर्किट स्विचिंग की महत्वपूर्ण विशेषता क्या है?

सर्किट स्विचिंग की महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि सर्किट स्विचिंग में डाटा का transmission continuously (लगातार) होता रहता हैं।

कंप्यूटर नेटवर्क में स्विचिंग कितने प्रकार की होती है?

कंप्यूटर नेटवर्क में स्विचिंग तीन प्रकार की होती है – सर्किट स्विचिंग, पैकेट स्विचिंग और मैसेज स्विचिंग

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