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कोरोना महामारी पर निबंध

covid-19 essay | कोरोना महामारी पर निबंध इन हिंदी

कोरोना महामारी ने पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया है इस नई परिस्थिति ने हमारे जीवन को एक बड़ी ही रूप में प्रभावित किया है और हमारे समाज के विभिन्न पहलुओं पर गहरा प्रभाव डाला है। 

कोरोना महामारी पर निबंध इन हिंदी | corona mahamari par nibandh

कोरोना महामारी पर निबंध –

रूपरेखा

  1. प्रस्तावना
  2. कोरोना महामारी का प्रारंभ
  3. विश्व के अनेक देशों में फैलाव
  4. कोरोना वायरस के लक्षण
  5. कोरोना महामारी का प्रसार
  6. कोरोना महामारी से बचाव के उपाय
  7. उपचार
  8. उपसंहार

कोरोना महामारी का प्रारंभ – कोरोना महामारी का प्रारंभ चीन के वुहान नामक शहर से हुआ। दिसंबर 2019 में वुहान नगर के बहुत से लोगों को बिना किसी कारण के निमोनिया होने लगा। यह लोग अधिकांशत: का मछलियां या पशुओं के व्यापार से जुड़े थे। बाद में इसे नियंत्रित करने का आग्रह चीनी प्रीमीयर ली केकियांग ने किया, किंतु यह  संक्रमण निरंतर फैलता रहा और चीन से बाहर पहुंच गया। कोरोना महामारी के फैलाव की संभावना चमगादड़ से भी की गई है।

विश्व के अनेक देशों में फैलाव – कोरोना वायरस चीन से जाने वाले लोगों या चीन में व्यापार हेतु बाहर के देशों से आने वाले लोगों के कारण विश्व के अन्य देशों में फैलने लगा। फरवरी, मार्च 2020 तक इसकी चपेट में हजारों लोग आ चुके थे। कोरोना वायरस की चपेट में अनेक देश जैसे थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, जापान, ताइवान, हांगकांग, अमेरिका, सिंगापुर, वियतनाम, भारत, ईरान, इराक, इटली, दुबई, कुवैत, आदि 160 देशों में कोविड-19 नाम के वायरस के संक्रमण के पुष्ट मामले सामने आए। इसकी भयंकरता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (W. H. O.) ने इसे महामारी घोषित कर दिया। यह वायरस तेजी से फैलता जा रहा था।

कोरोना महामारी का प्रसार – कोरोना महामारी मुख्य रूप से हवा के माध्यम से फैलती है। संक्रमित व्यक्ति की खांसी, छींक आदि की बूंदे, थूक आदि से भी फैल सकता है। इसके प्रभाव की दूरी 6 फीट (2 गज) है हैंडल या रेलिंग के माध्यम से भी यह वायरस फैल रहा है। ऐसा भी पाया गया है कि कुछ संक्रमित लोगों ने वायरस को दूसरों तक नहीं पहुंचाया जबकि दूसरे संक्रमित लोगों ने संक्रमण को फैलाया। बुजुर्गों, मधुमेह, अस्थमा, हृदय की बीमारी के रोगियों में इस वायरस का अधिक खतरा है।

कोरोना महामारी से बचाव के उपाय – अधिकारिक बचाव की सलाह में निम्नलिखित बातें प्रमुख है-

  • हाथ धोना – कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोए शौच जाने के बाद, भोजन से पहले, नाक साफ करने के बाद अवश्य हाथ धोने चाहिए। ऐसे स्थानों पर जहां साबुन उपलब्ध ना हो तो सैनिटाइजर का उपयोग करें।
  • स्वशन स्वच्छता – संक्रमित होने के संदेह वाले लोगों को सर्जिकल मार्क्स बनाना चाहिए तथा चिकित्सक से मिलकर उनके अनुसार उपचार करना चाहिए। कोरोना वायरस से बचने के लिए स्वशन स्वच्छता हेतु मार्क्स का उपयोग करना चाहिए। मास्क को चेहरे तथा नाक पर सावधानी से लगाना चाहिए। खांसने या छिखनें के बाद नाक-मुंह को रुमाल या टिश्यु पेपर से साफ करना चाहिए।
  • सामाजिक दूरी रखना – कोरोना महामारी के संक्रमण से बचने के लिए आवश्यक है कि हम अन्य व्यक्तियों के संपर्क में कम से कम आए। जिनसे मिले उनसे कम से कम 6 फुट की दूरी बनाए रखें।
  • संगरोधन – कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक है। अंदर या बाहर जाने का प्रतिबंध लगाकर एकांत स्थान तक सीमित होने से संक्रमण का प्रसार नहीं होगा।
  • रोग प्रतिरोधिक क्षमता की वृद्धि- कोरोना महामारी के संक्रमण से बचने के लिए व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता की वृद्धि होना आवश्यक है। इसके लिए नियमित प्राणायाम, व्यायाम करने के साथ ही पौष्टिक भोजन लेना आवश्यक है।

चिकित्सा वैज्ञानिक अभी भी अन्य उपचारों की खोज में लगे हैं। उक्त टीको से नियंत्रित होने की पूरी पूरी संभावना है। चिकित्सकों के परामर्श का पालन करना चाहिए। आयुर्वेद तथा प्राकृतिक चिकित्सा में इसके लिए काढ़े तथा योगासन आदि को उपयोगी माना जा रहा है। इसके परिणाम भी सकारात्मक आ रहे हैं रोगी की ऑक्सीजन तथा नब्ज की नियमित जांच करनी चाहिए। इसके उपचार में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का सर्वाधिक महत्व है रोगी को पौष्टिक भोजन देना जरूरी है।

कोरोना महामारी घातक प्रभाव – कोरोना महामारी के कारण असंख्य व्यक्तियों का निधन हो गया है। जो ठीक नहीं हो पाए हैं उनमें भी भयंकर कमजोरी, निर्मलता, हीनता का भाव लंबे समय तक रहता था। कुछ को तो इसका प्रभाव महीनों तक परेशान करता रहा और महीनों तक बना रहा। इस रोग में रोगी की प्रबल इच्छा शक्ति होना जरूरी है। इससे रोग भी नियंत्रित होता है। तथा रोग के बाद स्वास्थ्य भी जल्दी ठीक हो जाता है। रोगी को सकारात्मक भाव की आवश्यकता होती है। संगरोध (क्वारंटाइन) के समय रोगी का हताश होना ठीक नहीं माना गया है।

उपसंहार – कोरोना महामारी संक्रमण से सारा विश्व आतंकित है। इससे मुक्ति पाने के प्रयासों में शासन, प्रशासन, अनेक संगठन तथा चिकित्सक लगे हुए थे। हमें अपने स्तर पर पूरा-पूरा सहयोग करना चाहिए। दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए अफवाहों, दुष्प्रचारों का प्रतिरोध करना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, प्रदेश सरकारें इसके समाधान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इनके प्रयासों के परिणाम भी अनुकूल आ रहे हैं। हमें मजबूत होकर इसका सामना करने की आवश्यकता है। हमारी सफलता निश्चित है।

कोरोना महामारी FAQs

कोरोना वायरस क्या है?

कोरोना वायरस एक माइक्रोस्कोपिक जीवाणु है, जो जानवरों से मनुष्यों में संक्रमित हो सकता है। यह वायरस सांस के माध्यम से फैल सकता है और ज्यादातर सर्दियों और फेफड़ों के इंफेक्शन का कारण बनता है।

कोरोना महामारी के लक्षण क्या हैं?

कोरोना महामारी के लक्षण शामिल हो सकते हैं: बुखार, सूखी खांसी, थकान, गले में खराश, बुखार, नकसीर, सांस की तकलीफ, गुफा में दर्द, और खोखलापन।

क्या कोरोना संक्रमण से बचाव के उपाय क्या हैं?

हैंडसेनिटाइज़र और साबुन का बार-बार उपयोग करें।
मानवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें.
मास्क पहनें और चेहरे को छूने से बचें.
टीकाकरण करवाएं जब यह उपलब्ध हो.

वैक्सीनेशन क्यों महत्वपूर्ण है?

वैक्सीनेशन कोरोना वायरस के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है और संक्रमण के बढ़ते खतरों को कम करता है। यह सार्थक तरीके से सामाजिक सुरक्षा की ओर कदम बढ़ाता है और सार्थक जीवन को वापस लौटाने में मदद करता है।

2 thoughts on “covid-19 essay | कोरोना महामारी पर निबंध इन हिंदी”

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