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data communication in computer network

data communication in computer network in hindi | कंप्यूटर नेटवर्क में डेटा संचार

hinditoper.com द्वारा लिखे गए data communication in computer network in hindi के इस लेख में data communication किसे कहते हैं? की संपूर्ण जानकारी दी गई है साथ ही साथ data communication कितने प्रकार का होता है? और data communication के दौरान जिन-जिन महत्वपूर्ण घटकों की आवश्यकता होती है वह भी विस्तार से समझाया गया है।

data communication in computer network in hindi

data communication in computer network in hindi – जब किसी नेटवर्क में एक computer से दूसरे computer में या अन्य सभी computers में data का संचार (communication) किया जाता है तो उसे data communication कहते है।

अर्थात् सरल शब्दों में कहा जाए तो जब दो या दो से अधिक computers में किसी भी प्रकार के data को send किया जाता है या receive किया जाता है, तो उसे data communication कहते है।

कंप्यूटर नेटवर्क में डाटा का कम्युनिकेशन दो प्रकार से होता है जो निम्न है –

  • wireless data communication

data communication in computer network के महत्वपूर्ण घटक

किन्हीं भी दो computers से में या उससे अधिक computers में data communication की क्रिया को करने के लिए मुख्य रूप से पांच महत्वपूर्ण घटकों की आवश्यकता होती है, जो की निम्न है –

data communication in computer network in hindi

1. Sender

2. Receiver

3. Message

4. Transmission medium

5. Protocols

Sender in data communication in computer network

Sender in data communication in computer network – Sender का शाब्दिक अर्थ है – “भेजने वाला”। वह व्यक्ति या मशीन जो किसी भी संदेश, जानकारी(information) या डाटा को अन्य के साथ साझा करती है, Sender कहलाती है। सेंडर डाटा को निम्न प्रकार से भेज सकता है, जैसे – mail, message, file आदि कई प्रकार से।

Sender डाटा कम्युनिकेशन की प्रथम इकाई है। Sender एक कंप्यूटर डिवाइस होता है, सेंडर के माध्यम से ही data communication की प्रक्रिया में डाटा को सेंड या ट्रांसफर किया जाता है, बिना सेंडर के डाटा कम्युनिकेशन संभव नहीं है। किसी भी डिजिटल डाटा को या डाटा के किसी भी प्रकार को सेंड करने के लिए सेंडर डिवाइस, डाटा कम्युनिकेशन की महत्वपूर्ण इकाई होती है।

जैसे – laptop, work station, mobile, video camera, telephone etc.

Receiver in data communication in computer network

Receiver भी एक कंप्यूटर डिवाइस होता है। रिसीवर के माध्यम से ही डाटा कम्युनिकेशन के दौरान डाटा के हो रहे आदान-प्रदान को रिसीव किया जाता है। जिस प्रकार किसी भी डाटा को सेंड करने के लिए सेंडर कंप्यूटर डिवाइस की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार डाटा को रिसीव करने के लिए रिसीवर कंप्यूटर डिवाइस की आवश्यकता होती है। सेंडर और रिसीवर दोनों ही एक दूसरे पर निर्भर रहते हैं। अर्थात डाटा कम्युनिकेशन के लिए सेंडर और रिसीवर दोनों कंप्यूटर डिवाइसेज की आवश्यकता होती है।

जैसे – laptop, work station, mobile, video camera, telephone etc.

Message in data communication in computer network

Message in data communication in computer network – Message एक प्रकार का डाटा ही होता है। अर्थात टेक्निकल भाषा में या कंप्यूटर की भाषा में मैसेज को डाटा कहा जाता है। यह मैसेज किसी भी इनफॉरमेशन पर हो सकता है, जिसके ऊपर से दो कंप्यूटर के बीच डाटा कम्युनिकेशन होता है। यह मैसेज किसी भी प्रकार का हो सकता है।

जैसे – file के रूप में, text के रूप में, image के रूप में, graph के रूप में, audio के रूप में, video के रूप में आदि कई प्रकार से।

Transmission medium in data communication in computer network

Transmission medium in data communication in computer network – Transmission media को network media के नाम से भी जाना जाता है। Transmission media के द्वारा यूजर्स अपने डेटा को किसी एक कंप्यूटर से अन्य कंप्यूटर में send कर सकते हैं या दूसरे के डाटा को receive कर सकते हैं। अर्थात transmission media data को sendar से receiver तक पहुंचाने का एक medium (माध्यम) है। Transmission medium 2 प्रकार का होता है –

1. Wired medium (Guided media) – Wired medium में डाटा कम्युनिकेशन तीन प्रकार से होता है।

  • Twisted pair cable
  • Coaxial cable
  • Fiber optic cable

2. Wireless medium (Unguided media) – Wireless medium में भी डाटा कम्युनिकेशन तीन प्रकार से होता है।

  • Radio wave
  • Micro wave
  • Infrared wave

Protocols in data communication in computer network

Protocols in data communication in computer network – Protocol, सेट का रूल्स(set of rules) होता है, अर्थात rules के समूह को प्रोटोकॉल कहते हैं। जब दो या दो से अधिक कंप्यूटर आपस में डाटा कम्युनिकेट करते हैं, तो वह कई प्रकार के प्रोटोकॉल को follow करते हैं। बिना प्रोटोकॉल के डाटा को share नहीं किया जा सकता है। कंप्यूटर के द्वारा डाटा को शेयर करते समय महत्वपूर्ण बात यह भी होती है कि sender कंप्यूटर द्वारा जिस प्रोटोकॉल का use डाटा को शेयर करते समय किया जा रहा है, ठीक उसी प्रकार के प्रोटोकॉल का use रिसीवर साइड भी किया जाना चाहिए। प्रोटोकॉल के कई प्रकार होते हैं जिनके नाम निम्न है –

  • HTTP – Hyper Text Transfer Protocol
  • SMTP – Simple Mail Transfer Protocol
  • IMAP – Internet Mail Access Protocol
  • FTP – File Transfer Protocol
  • UDP – User Datagram Protocol
  • POP – Post Office Protocol
  • PPP – Point to Point Protocol etc.

data communication की प्रभावशीलता की मूलभूत विशेषताएं

डाटा संचार प्रणाली की प्रभावशीलता तीन मूलभूत विशेषताओं पर निर्भर करती है जो कि निम्न है –

1. Delivery – sender द्वारा ट्रांसफर करते समय data सही मशीन(computer) या व्यक्ति के पास पहुंचना चाहिए। उचित रिसीवर के पास यदि data नहीं पहुंचता है, तो वह डाटा व्यर्थ के समान ही होता है।

2. Accuracy – डाटा कम्युनिकेशन के दौरान सटीक रूप से डाटा वितरित होना चाहिए। डाटा को ट्रांसफर करते समय यदि data बदल गया है, तो वह डाटा किसी काम का नहीं रहता है।

3. Timeliness – डाटा कम्युनिकेशन के समय sender या रिसीवर द्वारा समय सीमा के अंतर्गत ही डाटा को भेजना चाहिए या रिसीव करना चाहिए। देर से भेजा गया या प्राप्त किया गया डाटा waste होता है।

FAQ of data communication in computer network in hindi

डाटा कम्युनिकेशन किसे कहते हैं?

जब दो या दो से अधिक computers में किसी भी प्रकार के data को send किया जाता है या receive किया जाता है, तो उसे data communication कहते है।

डाटा कम्युनिकेशन के महत्वपूर्ण घटक कौन-कौन से हैं?

1. Sender 2. Receiver 3. Message 4. Transmission medium 5. Protocols

डाटा संचार प्रणाली की प्रभावशीलता किन मूलभूत विशेषताओं पर निर्भर करती है?

डाटा संचार प्रणाली की प्रभावशीलता तीन मूलभूत विशेषताओं पर निर्भर करती है – 1. Delivery 2. Accuracy 3. Timeliness

data communication in computer network के दौरान उपयोग होने वाले प्रोटोकॉल कौन-कौन से होते हैं?

डाटा कम्युनिकेशन के दौरान उपयोग होने वाले प्रोटोकॉल – HTTP, SMTP, POP, PPP, UDP, TCP/IP etc.

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