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हरिवंश राय बच्चन का जीवन परिचय कक्षा 12 | harivansh rai bachchan jivan parichay

hinditoper.com द्वारा लिखे गए हरिवंश राय बच्चन का जीवन परिचय के इस लेख में हरिवंश राय बच्चन का जीवन परिचय (harivansh rai bachchan jivan parichay) दिया गया है। जन्म, मृत्यु, प्रमुख रचनाएं, सम्मान तथा हरिवंश राय बच्चन के जीवन परिचय संबंधित भाव पक्ष, कला पक्ष के साथ-साथ साहित्य में स्थान और कुछ FAQ दिए गए हैं, जो निम्न है –

हरिवंश राय बच्चन का जीवन परिचय – harivansh rai bachchan jivan parichay

जन्म – 27 नवंबर सन 1907, इलाहाबाद में हुआ था।

प्रमुख रचनाएं – हरिवंश राय बच्चन जी की प्रथम रचना “तेरा हार” है, जो सन 1929 में प्रकाशित हुई थी। मधुशाला, मधुबाला, मधु कलश, मिलन यामिनी, आरती और अंगारे, टूटी फूटी कड़ियां, एकांत संगीत, निशा निमंत्रण, क्या भूलूं क्या याद करूं, बसेरे से दूर, नीड का निर्माण फिर, जनगीता, हैमलेट, प्रवासी की डायरी आदि इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं।

प्रमुख सम्मान – साहित्य अकादमी पुरस्कार, यश भारती सम्मान भारत सरकार द्वारा सन 1976 में पद्म भूषण पुरुस्कार आदि।

निधन – 18 जनवरी सन 2003, मुंबई में

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भाव पक्ष – harivansh rai bachchan jivan parichay

सामाजिक चेतना – हरिवंश राय बच्चन जी सामाजिक चेतना के एक सुप्रसिद्ध कवि हैं। हरिवंश राय बच्चन जी की रचनाओं में सामाजिक चेतना के विकास का यथार्थ चित्रण देखने को मिलता है।

रस प्रधान रचनाएं – हरिवंश राय बच्चन जी ने अपनी कविताओं में सभी रसों का वर्णन विशेष तरीके से किया है। श्रृंगार रस के वियोग श्रृंगार का सुंदर वर्णन देखने को मिलता है, साथ ही साथ शांत रस की भी अभिव्यक्ति प्राप्त होती है।

प्रेरणापूर्ण कविताएं – हरिवंश राय बच्चन जी ने हताश, निराश एवं असफल व्यक्ति के जीवन में प्रेरणा भाव जागृत करने के लिए भी कुछ रचनाएं लिखी हैं। बच्चन साहब द्वारा लिखी गई कुछ पंक्ति बहुत प्रसिद्ध है –

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती।

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।।

कला पक्ष – harivansh rai bachchan jivan parichay

भाषा – हरिवंश राय बच्चन जी की भाषा शुद्ध साहित्य खड़ी बोली है। इन्होंने अपनी रचनाओं में तत्सम, तद्भव शब्दों का भी प्रयोग किया है। तथा कुछ भाषाओं जैसे अंग्रेजी, फारसी और उर्दू को भी अपनी रचनाओं में शरण दी है।

अलंकार प्रधान – हरिवंश राय बच्चन ने अपनी रचनाओं में शब्दालंकार तथा मानवीकरण अलंकार का विशेष रूप से प्रयोग किया है। साथ ही साथ अनुप्रास, यमक, उपमा, रूपक तथा अर्थालंकार का भी प्रयोग आपकी रचनाओं में देखने को मिलता है।

साहित्य में स्थान – हरिवंश राय बच्चन का जीवन परिचय

साहित्य में स्थान – भारतीय हिंदी साहित्य जगत के प्रख्यात कवियों में से एक हरिवंश राय बच्चन जी काव्य रचनाएं प्रेरणाप्रद एवं मानवीय जीवन पर आधारित है। इनकी रचनाओं में एक विशेष भाव देखने को मिलता है। हरिवंश राय बच्चन जी की रचनाएं हिंदी साहित्य की अनमोल धरोहर है। इनकी रचनाएं हमें सदैव सद मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी। हिंदी साहित्य में आपका स्थान अद्वितीय है।

FAQ – harivansh rai bachchan jivan parichay

हिंदी साहित्य में हरिवंश राय बच्चन जी की प्रसिद्ध रचना कौन सी है?

हरिवंश राय बच्चन जी की प्रसिद्ध रचना मधुशाला है, जिसमें सूफीवाद का दर्शन होता है।

हरिवंश राय बच्चन जी की प्रथम रचना कौन सी है?

हरिवंश राय बच्चन जी की प्रथम रचना “तेरा हार” है, जो सन 1929 में प्रकाशित हुई थी।

भारत सरकार द्वारा बच्चन जी को कौन सा पुरस्कार प्राप्त है?

सन 1976 में भारत सरकार द्वारा हरिवंश राय बच्चन जी को पद्म भूषण पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था।

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