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MPPSC notification

MPPSC Full form | MPPSC notification 2023 | MPPSC Syllabus pdf

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MPPSC क्या है | MPPSC Full form

MPPSC full form होता है मध्यप्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन जिसे हिंदी में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग भी कहते हैं मध्यप्रदेश राज्य में विभिन्न सरकारी पदों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करने वाला संगठन है MPPSC ( प्रदेश लोक सेवा आयोग) राज्य के विभिन्न विभागों और सेवाओं में नौकरियों की भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित करता है एमपीपीएससी (MPPSC) के जरिए विभिन्न सरकारी पदों के लिए नियुक्तियां की जाती है और यह उम्मीदवारों को एक बड़ा अवसर प्रदान करती है जो सरकारी सेवाओं में काम करना चाहते हैं

MPPSC की महत्वपूर्ण जानकारी

एमपीपीएससी (MPPSC) मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की महत्वपूर्ण जानकारी जिसके माध्यम से एमपीपीएससी मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के विषय में विस्तृत जानकारी मिलेगी एमपीपीएससी की महत्वपूर्ण जानकारी इस प्रकार है

  • MPPSC की स्थापना – मध्य प्रदेश लोक सेवा की स्थापना मई 1958 में हुई थी
  • MPPSC का मुख्यालय इसका मुख्यालय इंदौर में स्थित है।
  • MPPSC कार्य क्षेत्र – MPPSC का कार्य क्षेत्र मध्य प्रदेश राज्य के अधीन है और यहां राज्य के विभिन्न प्रांतों में परीक्षा आयोजित करता है
  • MPPSC कार्य (फंक्शन) – एमपीपीएससी फंक्शन एमपीपीएससी का कार्य राज्य सेवा, शिक्षा सेवा, पुलिस सेवा, स्वास्थ्य सेवा, वन सेवा आदि पदों की भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित करना है
  • MPPSC आवेदन प्रक्रिया एमपीपीएससी की परीक्षाओं के लिए आवेदन ऑनलाइन मोड के माध्यम से किया जा सकता है

एमपीपीएससी पात्रता मापदंड | MPPSC eligibility criteria

एमपीपीएससी शैक्षणिक योग्यता | MPPSC educational qualification

एमपीपीएससी (MPPSC) के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय से स्नातक डिग्री यानी (graduation) ग्रेजुएशन होना आवश्यक है

एमपीपीएससी आयु सीमा | MPPSC Age Limit

  • आयु सीमा की गणना हेतु वही जन्मतिथि मान होगी जो अभ्यार्थी की 10वीं की अंकसूची में अंकित है।

MPPSC age relaxation in Hindi | एमपीपीएससी आयु में छूट हिंदी में

वर्ग (Category)एमपीपीएससी परीक्षा आयु में छूट (MPPSC Exam Age Relaxation)
महिला5 साल
SC/ST 5 साल
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)5 साल
सरकारी कर्मचारी (Govt employees)5 साल
PWD5 साल
भूतपूर्व सैनिक (Ex-Serviceman)सेवा अवधि की कटौती के बाद 3 वर्ष

एमपीपीएससी परीक्षा पैटर्न | MPPSC exam pattern in Hindi

एमपीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा निम्नलिखित चरणों में आयोजित होती है

  • प्रारंभिक परीक्षा (preliminary examination)
  • मुख्य परीक्षा (main exam)
  • साक्षात्कार एवं व्यक्तित्व परीक्षण (Interview & Personality Test)

प्रारंभिक परीक्षा (preliminary examination)

एमपीपीएससी के द्वारा प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन मुख्य परीक्षा हेतु उम्मीदवारों का चयन करना है इस परीक्षा के माध्यम से मुख्य परीक्षा के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है प्रारंभिक परीक्षा में दो अनिवार्य पेपर होते हैं पेपर- I सामान्य अध्ययन और पेपर- II

पेपर- I = सामान्य अध्ययन (general studies) से 100 प्रश्न होते हैं तथा 200 मार्क्स का यह पेपर होता है इसके लिए 2 घंटे का समय दिया जाता है

पेपर- II = सामान्य योग्यता परीक्षण (general aptitude test) इसमें 100 प्रश्न होते हैं तथा 200 मार्क्स का यह पेपर होता है इसके लिए भी 2 घंटे का समय दिया जाता है

MPPSC notification
  • प्रारंभिक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं होता है, इसका मतलब है कि गलत उत्तर के लिए भी कोई अंक कटाव नहीं होता।
  • प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न के हिंदी तथा अंग्रेजी अनुवाद में भिन्नता की स्थिति में केवल हिंदी अनुवाद ही मान्य होगा।
  • ऐसे प्रश्न जिनका दिए गए विकल्पों में से एक से अधिक सही उत्तर है तो सभी सही उत्तरो को मान्य किया जाएगा।
  • ऐसे प्रश्न जिनका दिए गए विकल्पों में एक भी सही उत्तर ना हो उन प्रश्नों को प्रश्नपत्र में से विलोपित किया जाएगा।

मुख्य परीक्षा (main exam)

मुख्य परीक्षा लिखित विवरणात्मक परीक्षा होती है MPPSC परीक्षा का दूसरा पड़ाव होता है प्रारंभिक परीक्षा (क्वालीफाई) पास कर लेने के बाद मुख्य परीक्षा का आयोजन किया जाता है जिसमें कुल 6 पेपर होते हैं यह 6 पेपर कुछ इस प्रकार होते हैं MPPSC notificationअनुसार नीचे तालिका में दर्शाए गए हैं

MPPSC notification
  • मुख्य परीक्षा के कुल 6 पेपर को मिलाकर यहां परीक्षा 1400 अंकों की होती है।
  • मुख्य परीक्षा में अर्जित किए गए अंकों को फाइनल मेरिट रिजल्ट में जोड़ा जाता है।

साक्षात्कार और व्यक्तिगतिक परीक्षण (MPPSC Interview)

साक्षात्कार और व्यक्तिगतिक परीक्षण (MPPSC Interview) यह एमपीपीएससी (MPPSC) परीक्षा का सबसे अंतिम चरण होता है तथा उम्मीदवार के द्वारा मुख्य परीक्षा पास कर लेने के बाद साक्षात्कार (Interview) के लिए बुलाया जाता है इंटरव्यू कुल 175 अंकों का होता है

  • प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के पश्चात्, उम्मीदवारों को साक्षात्कार और व्यक्तिगतिक परीक्षण के लिए बुलाया जा सकता है।
  • इस परीक्षण में उम्मीदवारों की व्यक्तिगतिक गुणधर्म, सामाजिक और पेशेवर योग्यता का मूल्यांकन किया जाता है।

NOTE – एमपीपीएससी (MPPSC) फाइनल मेरिट रिजल्ट मुख्य परीक्षा व इंटरव्यू के अंकों को मिलाकर बनाया जाता है तथा मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के अंकों को मिलाकर 1575 अंकों में से फाइनल मेरिट रिजल्ट तैयार किया जाता है

MPPSC Syllabus | एमपीपीएससी पाठ्यक्रम

MPPSC प्रारंभिक परीक्षा सिलेबस | preliminary exam syllabus

पेपर- I = सामान्य अध्ययन (general studies)

1. मध्यप्रदेश का इतिहास, संस्कृति एवं साहित्य

  • मध्यप्रदेश के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाएँ, प्रमुख राजवंश ।
  • स्वतंत्रता आन्दोलन में मध्यप्रदेश का योगदान ।
  • मध्यप्रदेश की प्रमुख कलाएँ एवं स्थापत्य कला ।
  • मध्यप्रदेश की प्रमुख जनजातियाँ एवं बोलियाँ ।
  • प्रदेश के प्रमुख त्योहार, लोक संगीत, लोक कलाएँ एवं लोक-साहित्य ।
  • मध्यप्रदेश के प्रमुख साहित्यकार एवं उनकी कृतियाँ ।
  • मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल ।
  • मध्यप्रदेश के प्रमुख जनजातीय व्यक्तित्व ।

2. भारत का इतिहास

  • प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के इतिहास की प्रमुख विशेषताएँ, घटनाएँ एवं उनकी प्रशासनिक, सामाजिक तथा आर्थिक व्यवस्थाएँ ।
  • 19वी एवं 20वी शताब्दी में सामाजिक तथा धार्मिक सुधार आंदोलन |
  • स्वतंत्रता संघर्ष एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन |
  • स्वतंत्रता के पश्चात् भारत का एकीकरण एवं पुनर्गठन ।

3. मध्यप्रदेश का भूगोल

  • मध्यप्रदेश के वन, वनोपज, वन्यजीव, नदियाँ,पर्वत एवं पर्वत श्रृंखलाएँ ।
  • मध्यप्रदेश की जलवायु ।
  • मध्यप्रदेश के प्राकृतिक एवं खनिज संसाधन ।
  • मध्य प्रदेश में परिवहन।
  • मध्यप्रदेश में कृषि पशुपालन एवं कृषि आधारित उद्योग।
  • मध्यप्रदेश में प्रमुख सिंचाई एवं विद्युत परियोजनाएं।

4. भारत एवं विश्व का भूगोल

  • भौतिक भूगोलः- भौतिक विशेषताएँ और प्राकृतिक प्रदेश ।
  • प्राकृतिक संसाधनः- वन, खनिज संपदा, जल, कृषि, वन्यजीव, राष्ट्रीय उद्यान / अभ्यारण्य / सफारी ।
  • सामाजिक भूगोल :- जनसंख्या संबंधी / जनांकिकी ( जनसंख्या वृद्धि, आयु, लिंगानुपात, साक्षरता एवं आर्थिक गतिविधियाँ ) ।
  • आर्थिक भूगोलः– प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधन (उद्योग, यातायात के साधन)।
  • विश्व के महाद्वीप / देश / महासागर /नदियाँ/पर्वत ।
  • विश्व के प्राकृतिक संसाधन ।
  • परंपरागत एवं गैर परंपरागत ऊर्जा स्त्रोत ।

5. (अ) राज्य सेवा परीक्षाप्रस्तावितपाठ्यक्रम राज्य की संवैधानिक व्यवस्था ―

  • मध्यप्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था (राज्यपाल, मंत्रिमंडल, विधानसभा, उच्च न्यायालय)
  • मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतीराज एवं नगरीय प्रशासन व्यवस्था ।

(ब) राज्य की अर्थ व्यवस्था

  • मध्यप्रदेश की जनांनिकि एवं जनगणना ।
  • मध्यप्रदेश का आर्थिक विकास।
  • मध्यप्रदेश के प्रमुख उद्योग ।
  • मध्यप्रदेश की जातियाँ, अनुसूचित जातियाँ एवं जनजातियाँ तथा राज्य की प्रमुख कल्याणकारी योजनाएँ ।

6. भारत का संविधान शासन प्रणाली एवं अर्थ व्यवस्था

  • भारतीय शासन अधिनियम 1919 एवं 1935 |
  • संविधान सभा ।
  • संघीय कार्यपालिका, राष्ट्रपति एवं संसद ।
  • नागरिकों के मौलिक अधिकार, कर्तव्य एवं राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांत ।
  • संवैधानिक संशोधन ।
  • सर्वोच्च न्यायालय एवं न्यायिक व्यवस्था ।
  • भारतीय अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और विदेशी व्यापार, आयात एवं निर्यात।
  • वित्तीय संस्थाएँ संस्थान – रिजर्व बैक, राष्ट्रीयकृत बैक, SEBI/NSE / गैर बैंकिंग वित्तीय

7. विज्ञान एवं पर्यावरण

  • विज्ञान के मौलिक सिद्धांत ।
  • भारत के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान एवं उनकी उपलब्धियाँ, उपग्रह एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी |
  • पर्यावरण एवं जैव-विविधता ।
  • पारिस्थितिकीय तंत्र |
  • पोषण आहार एवं पोषक तत्व ।
  • मानव शरीर संरचना ।
  • कृषि उत्पाद तकनीक
  • खाद्य प्रसंस्करण ।
  • स्वास्थ्य नीति एवं स्वास्थ्य कार्यक्रम |
  • प्रदूषण, प्राकृतिक आपदाएँ एवं प्रबंधन।

8. अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय समसामयिक घटनाएँ

  • महत्वपूर्ण व्यक्तित्व एवं स्थान ।
  • महत्वपूर्ण घटनाएँ।
  • भारत एवं मध्यप्रदेश की प्रमुख खेल संस्थाएँ, खेल प्रतियोगिताएँ एवं पुरस्कार ।

9. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी

  • इलेक्ट्रॉनिकी, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी |
  • रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स एवं सायबर सिक्यूरिटी ।
  • ई-गवर्नेन्स ।
  • इंटरनेट तथा सोशल नेटवर्किंग साईट्स |
  • ई-कॉमर्स

10. राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक संवैधानिक / सांविधिक संस्थाएँ

  • भारत निर्वाचन आयोग |
  • राज्य निर्वाचन आयोग |
  • संघ लोक सेवा आयोग |
  • मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग |
  • नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक |
  • नीति आयोग ।
  • मानवाधिकार आयोग |
  • महिला आयोग |
  • बाल संरक्षण आयोग |
  • अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग ।
  • पिछडा वर्ग आयोग • सूचना आयोग।
  • सतर्कता आयोग |
  • राष्ट्रीय हरित अधिकरण ।
  • खाद्य संरक्षण आयोग इत्यादि ।

पेपर- II = सामान्य योग्यता परीक्षण (general aptitude test)

  1. बोधगम्यता
  2. संचार कौशल सहित अंतर- वैयक्तिक कौशल
  3. तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता
  4. निर्णय लेना एवं समस्या समाधान
  5. सामान्य मानसिक योग्यता
  6. आधारभूत संख्ययन ( संख्याएँ एवं उनके संबंध, विस्तार क्रम आदि – दसवीं कक्षा का स्तर ) आँकडों का निर्वचन (चार्ट, ग्राफ तालिका, आँकडों की पर्याप्तता आदि – दसवीं कक्षा का स्तर)
  7. हिन्दी भाषा में बोधगम्यता कौशल (दसवीं कक्षा का स्तर ) टिप्पणी : दसवीं कक्षा के स्तर के हिन्दी भाषा के बोधगम्यता कौशल से संबंधित प्रश्नों का परीक्षण, प्रश्नपत्र में केवल हिन्दी भाषा के उद्धरणों के माध्यम से, अंग्रेजी अनुवाद उपलब्ध कराए बिना किया जाएगा।

MPPSC मुख्य परीक्षा सिलेबस | Main Exam Syllabus

पेपर 01 (खण्ड -अ)

इतिहास

इकाई- 2

  • 11 वीं से 18 सांस्कृतिक इतिहास। शताब्दी तक भारत का राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं
  • मुगल शासक और उनका प्रशासन, मिश्रित संस्कृति का अभ्युद्य ।
  • ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था एवं समाज पर प्रभाव ।

इकाई- 3

  • ब्रिटिश उपनिवेश के प्रति भारतीयों की प्रतिक्रिया : कृषक एवं आदिवासियों का विद्रोह, प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन / संग्राम | भारतीय पुनर्जागरण : राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन एवं इसके नेतृत्वकर्ता।
  • गणतंत्र के रूप में भारत का उदय, राज्यों का पुनर्गठन, मध्यप्रदेश का गठन, स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् के प्रमुख घटनाएँ।

इकाई—4

  • मध्यप्रदेश में स्वतंत्रता आंदोलन |
  • भारतीय सांस्कृतिक विरासत (मध्यप्रदेश के विशेष संदर्भ में) : प्राचीन काल से आधुनिक काल तक विभिन्न कला प्रारूपों, साहित्य, पर्व (उत्सव) एवं वास्तुकला के प्रमुख पक्ष।
  • म.प्र. में विश्व धरोहर स्थल एवं पर्यटन |

इकाई-5

  • मध्यप्रदेश की प्रमुख रियासतें :- गोंडवाना, बुन्देली, बघेली, होल्कर, सिंधिया एव भोपाल रियासत (प्रारंभ से स्वतंत्रता प्राप्ति तक ) ।
  • वर्तमान मध्यप्रदेश के भौगोलिक संदर्भ में।

पेपर 01 (खण्ड -ब)

भूगोल

इकाई-1

विश्व का भूगोल

  • प्रमुख भौतिक लक्षण :- पर्वत, पठार, मैदान, नदियाँ, झीलें एवं हिमनद ।
  • प्रमुख भौगोलिक घटनाएँ :- भूकंप, सूनामी, ज्वालामुखी क्रिया, चक्रवात ।
  • विश्व की जलवायु :- जलवायु एवं ऋतुएँ, वर्षा का वितरण एवं जलवायु प्रदेश, जलवायु परिवर्तन एवं उसके प्रभाव ।

इकाई-2

भारत का भूगोल

  • प्रमुख भौतिक स्वरूप :- पर्वत, पठार, मैदान, नदियाँ, झीलें एवं हिमनद ।
  • भारत के भू-आकृतिक प्रदेश ।
  • जलवायु :- मानसून की उत्पत्ति, एल नीनों, जलवायु एवं ऋतुएँ, वर्षा का वितरण एवं जलवायु प्रदेश |
  • · प्राकृतिक संसाधन प्रकार एवं उपयोग
    • (क) जल, वन, मृदा
    • (ख) शैल एवं खनिज
  • जनसंख्याः- वृद्धि, वितरण, घनत्व, लिंगानुपात, साक्षरता, प्रवास, ग्रामीण एवं नगरीय जनसंख्या ।
  • खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग – संभावनाएं एवं महत्त्व, उद्योग का स्थानीयकरण, उद्योग की पूर्ववर्ती एवं अग्रवाल की आवश्यकता है, मांग पूर्ति श्रृंखला प्रबंधन |

इकाई – 3

मध्यप्रदेश का भूगोल

  • प्रमुख भूआकारिकी (Geomorphic) प्रदेश – नर्मदा घाटी एवं मालवा पठार के विशेष संदर्भ में।
  • प्राकृतिक वनस्पति एवं जलवायु ।
  • मृदाः- मृदा के भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुण, मृदा प्रसंस्करण एवं मृदा निर्माण, मृदा क्षरण एवं ह्रास की समस्याएँ । समस्याग्रस्त मृदा एवं उसके परिष्कार के तरीके। जलग्रहण आधार पर मृदा संरक्षण नियोजन ।
  • खनिज एवं ऊर्जा संसाधनः- प्रकार, वितरण एवं उपयोग ।
  • प्रमुख उद्योगः – कृषि उत्पाद, वन एवं खनिज आधारित उद्योग ।
  • राज्य की जनजातियाँ:- आपदाग्रस्त जनजातियों के विशिष्ट संदर्भ में।

इकाई -4

जल एवं आपदा प्रबंधन

  • पेयजलः- आपूर्ति, जल की अशुद्धि के कारण एवं गुणवत्ता प्रबंधन ।
  • जल-प्रबंधन।
  • भू-जल एवं जल संग्रहण ।
  • प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाएँ, आपदा प्रबंधन की अवधारणाएँ एवं विस्तार की संभावनाएँ, विशिष्ट खतरे एवं उनका शमन ।
  • सामुदायिक योजना :- संसाधन मानचित्रण, राहत एवं पुनर्वास, निरोधक एवं प्रशासनिक उपाय, सुरक्षित निर्माण, वैकल्पिक संचार एवं जीवन – रक्षा हेतु दक्षता ।

इकाई -5

भूगोल की आधुनिक तकनीक

  • सुदूर संवेदन – सिद्धान्त, विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम, घटक, उपग्रहों के प्रकार, सुदूर संवेदन का उपयोग ।
  • जी.आय.एस. (भौगोलिक सूचना प्रणाली) — घटक एवं उपयोग |
  • जी.पी.एस. (भौगोलिक पोज़िशनिंग सिस्टम) – आधारभूत संकल्पना एवं उपयोग ।

पेपर 02 (खण्ड -अ)

संविधान, शासन व्यवस्था, राजनैतिक एवं प्रशासनिक संरचना

इकाई-1

  • भारतीय संविधानः – निर्माण, विशेषताएँ, मूल ढाँचा एवं प्रमुख संशोधन ।
  • वैचारिक तत्वः– उद्देशिका, मूल अधिकार, राज्य के नीति निदेशक तत्व, मूल कर्तव्य ।
  • संघवाद, केन्द्रः- राज्य संबंध, उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, न्यायिक पुनरावलोकन, न्यायिक सक्रियता, लोक अदालत एवं जनहित याचिका ।

इकाई-2

  • भारत निर्वाचन आयोग, नियंत्रक एवं महा लेखा परीक्षक, संघ लोक सेवा आयोग, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एवं नीति आयोग,
  • भारतीय राजनीति में जाति, धर्म, वर्ग, नृजातीयता, भाषा एवं लिंग की भूमिका, भारतीय राजनीति में राजनीतिक दल एवं मतदान व्यवहार, सिविल सोसायटी एवं जन आंदोलन, राष्ट्रीय अखंडता तथा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे ।

इकाई—3

  • संविधान के 73 वें एवं 74 वें संशोधन के संदर्भ में जनभागीदारी एवं स्थानीय शासन ।
  • जवाबदेही एवं अधिकारः – प्रतिस्पर्धा आयोग, उपभोक्ता फोरम, सूचना आयोग, महिला आयोग, मानव अधिकार आयोग, अजा/अजजा / अपिव आयोग, केन्द्रीय सतर्कता आयोग |
  • लोकतंत्र की विशेषताएँ:- राजनीतिक प्रतिनिधित्व, निर्णय प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी ।
  • समुदाय आधारित संगठन (CBO), गैर सरकारी संगठन (NGO) एवं स्व-सहायता समूह (SHG)।
  • मीडिया की भूमिका एवं समस्याएँ (इलेक्ट्रानिक, प्रिन्ट एवं सोशल मीडिया)

इकाई—4

भारतीय राजनीतिक विचारक

कौटिल्य, महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, राममनोहर लोहिया, डॉ.बी.आर. अम्बेडकर, दीनदयाल उपाध्याय, जयप्रकाश नारायण ।

इकाई -5

  • प्रशासन एवं प्रबंधनः- अर्थ, प्रकृति एवं महत्त्व, विकसित एवं विकासशील समाजों में लोक प्रशासन की भूमिका, एक विषय के रूप में लोक प्रशासन का विकास, नवीन लोक प्रशासन, लोक प्रशासन के सिद्धांत
  • अवधारणाएँः– शक्ति, सत्ता, प्राधिकारी, उत्तरादायित्व एवं प्रत्यायोजन (Delegation)।
  • संगठन के सिद्धांत, पदसोपान, नियंत्रण का क्षेत्र एवं आदेश की एकता ।
  • लोक प्रबंधन के नवीन आयाम, परिवर्तन का प्रबंधन एवं विकास प्रशासन।

पेपर 02 (खण्ड -ब)

अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र

इकाई-1

  • भारत में कृषि, उद्योग एवं सेवा क्षेत्र के मुद्दे एवं पहल ।
  • भारत में राष्ट्रीय आय की गणना।
  • भारतीय रिजर्व बैंक एवं व्यापारिक बैंकों के कार्य, वित्तीय समावेशन, मौद्रिक नीति।
  • अच्छी कर प्रणाली की विशेषताएँ देन, राजकोषीय नीति । – प्रत्यक्ष कर एवं अप्रत्यक्ष कर, सब्सिडी, नकद लेन
  • लोक वितरण प्रणाली, भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान प्रवृतियाँ एवं चुनौतियाँ, गरीबी, बेरोजगारी एवं क्षेत्रीय असंतुलन ।
  • भारत का अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार एवं भुगतान संतुलन, विदेशी पूँजी की भूमिका, बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, आयात-निर्यात नीति, अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक, विश्व व्यापार संगठन, आसियान, सार्क, नाफ्टा एवं ओपेक ।

इकाई—2

मध्यप्रदेश के संदर्भ में

  • प्रमुख फसलें, कृषि जोत क्षेत्र एवं फसल प्रतिरूप, फसलों के उत्पादन एवं वितरण का भौतिक एवं सामाजिक पर्यावरणीय प्रभाव, बीज एवं खाद की गुणवत्ता एवं आपूर्ति से जुड़े मुद्दे, कृषि के तरीके, उद्यानिकी, मुर्गीपालन, डेरी, मछली एवं पशुपालन आदि के मुद्दे एवं समस्याएँ, कृषि उत्पादन, परिवहन, भण्डारण एवं विपणन से संबंधित समस्याएँ एवं चुनौतियाँ ।
  • कृषि की कल्याणकारी योजनाएँ ।
  • सेवा क्षेत्र का योगदान।
  • मध्यप्रदेश का आधारभूत ढाँचा एवं संसाधन ।
  • मध्यप्रदेश का जनांकिकी परिदृश्य और मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव।
  • औद्योगिक क्षेत्र, संवृद्धि, प्रवृतियाँ एवं चुनौतियाँ ।
  • कुशल मानव-संसाधन की उपलब्धता, मानव संसाधन का नियोजन एवं उत्पादकता, रोजगार के विभिन्न चलन ( ट्रेंड्स) ।

इकाई – 3

मानव-संसाधन विकास

  • शिक्षा:- प्रारंभिक शिक्षा, उच्चशिक्षा एवं तकनीकी एवं चिकित्सकीय शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा की गुणवत्ताएँ, बालिकाओं की शिक्षा ।
  • निम्नलिखित वर्गों से संबंधित सामाजिक मुद्दे एवं उनके कल्याणकारी कार्यक्रम :- निःशक्त वर्ग, वृद्धजन, बालक, महिलाएँ, सामाजिक रूप से वंचित वर्ग, विकास परियोजनाओं के फलस्वरूप विस्थापित वर्ग ।

इकाई—4

  • सामाजिक समरसता के घटक, सभ्यता और संस्कृति की अवधारणा। भारतीय संस्कृति की विशेषताएँ। संस्कार : विविध संदर्भ । वर्ण व्यवस्था । आश्रम, पुरुषार्थ, चतुष्ट्य । धर्म व मत-पंथों का समाज पर प्रभाव, विवाह की पद्धतियाँ।
  • सामुदायिक विकास कार्यक्रम, प्रसार शिक्षा, पंचायतीराज सामुदायिक विकास में गैर सरकारी संगठनों (NGO) की भूमिका, स्वसेवा के क्षेत्र में ग्रामीण विकास की नवीन प्रवृतियाँ, कुटुम्ब न्यायालय ।

इकाई—5

  • जनसंख्या और स्वास्थ्य – समस्याएँ, स्वास्थ्य शिक्षा एवं सशक्तिकरण, परिवार कल्याण कार्यक्रम, जनसंख्या नियंत्रण |
  • मध्यप्रदेश में जनजातियों की स्थिति, सामाजिक संरचना, रीति-रिवाज, मान्यताएँ, विवाह, नातेदारी, धार्मिक विश्वास व परंपराएँ, जनजातियों में प्रचलित पर्व व उत्सव ।
  • महिला शिक्षा, पारिवारिक स्वास्थ्य, जन्म – मृत्यु समंक, कुपोषण के कारण और प्रभाव, पूरक पोषण हेतु शासकीय कार्यक्रम प्रतिरक्षा के क्षेत्र में तकनीकी दखल-प्रतिरक्षण, संक्रामक और असंक्रामक बीमारियों के उपचार ।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन:- उद्देश्य, संरचना, कार्य एवं कार्यक्रम ।

पेपर 03 (खण्ड –)

विज्ञान एवं तकनीकी

इकाई-1

  • कार्य, बल एवं ऊर्जाः- गुरुत्वाकर्षण बल, घर्षण, वायुमंडलीय दबाव एवं कार्य।
  • इकाइयाँ और माप, दैनिक जीवन के उदाहरण ।
  • गति, वेग, त्वरण
  • ध्वनिः– परिभाषा, प्रसार का माध्यम, श्रव्य और अश्रव्य ध्वनि, शोर और संगीत । ध्वनि संबंधित शब्दावली – आयाम, तरंग – लंबाई, कंपन की आवृत्ति । विद्युतः– विभिन्न प्रकार के सेल, परिपथ ।
  • चुंबक:- गुण, कृत्रिम चुंबक का निर्माण एवं उपयोग ।
  • प्रकाशः- परावर्तन, अपवर्तन, दर्पण एवं लेंस, प्रतिबिंब निर्माण ।
  • ऊष्माः– ताप मापन, थर्मामीटर, ऊष्मा का रूपान्तरण ।

इकाई-2

  • तत्व, यौगिक और मिश्रणः – परिभाषा, रासायनिक प्रतीक, गुण, पृथ्वी पर उपलब्धता।
  • पदार्थ, धातुएँ और अधातुएँ, आवर्त सारणी एवं आवर्तता।
  • परमाणु,परमाणु–संरचना, संयोजकता, बंध, परमाणु – संलयन और विखंडन ।
  • अम्ल, क्षार और लवण, पीएच. मान सूचक |
  • भौतिक और रासायनिक परिवर्तन।
  • दैनिक जीवन में रसायन

इकाई—3

  • सूक्ष्मजीव एवं जैविक कृषि
  • कोशिका – संरचना एवं कार्य, जन्तुओं एवं पौधों का वर्गीकरण ।
  • पौधों, पशुओं एवं मनुष्यों में पोषण, संतुलित आहार, विटामिन, हीनताजन्य रोग, हार्मोन्स, मानव शरीर के अंग, संरचना एवं कार्य-प्रणाली।
  • जीवों में श्वसन ।
  • पशुओं और पौधों में परिसंचरण / परिवहन ( ट्रांसर्पोटेशन)
  • पशुओं और पौधों में प्रजनन ।
  • स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं बीमारियाँ |

इकाई—4

  • कंप्यूटर के प्रकार, विशेषताएँ एवं पीढ़ी (जनरेशन) ।
  • मेमोरी, इनपुट और आउटपुट डिवाइसेस, स्टोरेज डिवाइस, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम, विंडोज, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के उपयोग ।
  • कंप्यूटर की भाषाएँ, कम्पाइलर, ट्रान्सलेटर, इन्टरप्रिटर तथा एसेंबलर ।
  • इन्टरनेट एवं ई-मेल
  • सोशल मीडिया,
  • ई-गवर्नेस,

इकाई-5

  • विभिन्न उपयोगी पोर्टल और साइट और वेबपेजेस ।
  • संख्याएँ एवं प्रकार, इकाई मापन की विधियाँ, समीकरण एवं गुणनखंड, लाभ हानि, प्रतिशत, साधारण एवं चक्रवृद्धि ब्याज, अनुपात -समानुपात।
  • सांख्यिकीः- प्रायिकता, केन्द्रीय प्रवृत्ति (माध्य, माध्यिका एवं बहुलक ) एवं विचरणशीलता की माप, प्रादर्श के प्रकार ।

इकाई -6

  • संक्रामक रोग एवं उनकी रोकथाम ।
  • राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम ।
  • आयुष (AYUSH ) चिकित्सा पद्धतियाँ चिकित्सा पद्धतियों की प्रारंभिक जानकारी । आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी
  • केन्द्र एवं राज्य शासन की महत्त्वपूर्ण स्वास्थ्य संबंधी कल्याणकारी योजनाएँ।
  • केन्द्र एवं राज्य शासन के महत्त्वपूर्ण स्वास्थ्य संगठन ।

इकाई-7

  • मानव जीवन पर विकास के प्रभाव, स्वदेशी प्रौद्योगिकी की सीमाएँ ।
  • रिमोट सेंसिंग का इतिहास, भारत में रिमोट सेंसिंग।
  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केन्द्र, इन्दौर (RRCAT), सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र, श्री हरि कोटा (SDSC), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), भाभा परमाण्विक अनुसंधान केन्द्र, मुम्बई (BARC), टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान, मुम्बई (TIFR), राष्ट्रीय वायुमण्डलीय अनुसंधान प्रयोगशाला, तिरूपति (NARL ), तरल प्रणोदन प्रणाली केन्द्र, बैंगलुरू (LPSC), अंतरिक्ष उपयोग केन्द्र, अहमदाबाद (SAC), इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क, बैंगलुरू (IDSN), इंडियन स्पेस साइंस डाटा सेंटर, बैंगलुरू (ISSDC), विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केन्द्र, तिरूअनन्तपुरम (VSSC), भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं तकनीकी संस्थान, तिरूअनन्तपुरम (IIST), राष्ट्रीय सुदूर संवेदी केन्द्र, हैदराबाद (NRSC), भारतीय सुदूर संवेदी संस्थान, देहरादून ( IIRS), उक्त संस्थानों की सामान्य जानकारी ।
  • भूस्थिर उपग्रह, प्रक्षेपण यानों की पीढ़ियाँ (जनरेशन)।
  • जैव प्रौद्योगिकी— परिभाषा, स्वास्थ्य और चिकित्सा, कृषि, पशुपालन, उद्योग और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में उपयोग
  • क्लोन्स, रोबोट्स एवं कृत्रिम बुद्धिमता ।
  • बौद्धिक संपदा के अधिकार एवं पेटेंट (ट्रिप्स, ट्रिम्स)
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीयों का योगदान – चंद्रशेखर वेंकट रमन, हरगोविंद खुराना, जगदीश चंद्र बसु, होमी जहाँगीर भाभा, एम. विश्वैशरैया, श्रीनिवास रामानुजन, विक्रम साराभाई, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, सत्येन्द्र नाथ बोस, राजा रमन्ना, प्रफुल्लचन्द्र रॉय।
  • विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार ।

इकाई-8

  • ऊर्जा के पारंपरिक और गैर-पारंपरिक स्रोत- अर्थ, परिभाषा, उदाहरण और अंतर ।
  • ऊर्जा दक्षता, ऊर्जा- प्रबंधन, संगठनात्मक एकीकरण, परिचालन कार्यों में ऊर्जा -प्रबंधन, ऊर्जा–क्रय, उत्पादन, उत्पादन योजना और नियंत्रण रखरखाव ।
  • ऊर्जा रणनीतियों से संबंधित मुद्दे और चुनौतियाँ
  • ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत – वर्तमान परिदृश्य और भविष्य की संभावनाएँ। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, महासागरीय ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा, बायोमास ऊर्जा, जैव-ईधन आदि।

इकाई—9

  • पर्यावरण की परिभाषा, क्षेत्र एवं आयाम – भौतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक, मनोवैज्ञानिक आदि, भारतीय संदर्भ में पर्यावरण की अवधारणा, आधुनिक विश्व में पर्यावरण की अवधारणा ।
  • मानव गतिविधियों का पर्यावरण पर प्रभाव, पर्यावरण से संबंधित नैतिकता और मूल्य, जैव-विविधता, पर्यावरण- प्रदूषण, पर्यावरण – परिवर्तन ।
  • पर्यावरण से संबंधित समस्याएँ और चुनौतियाँ, पर्यावरणीय क्षरण के कारण और प्रभाव ।
  • पर्यावरण शिक्षा – सार्वजनिक जन जागरूकता के कार्यक्रम, पर्यावरण शिक्षा एवं उसका स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संबंध ।

इकाई-10

पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी, ऊर्जा का संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण के संवैधानिक प्रावधान। पर्यावरण संरक्षण नीतियाँ और नियामक ढाँचा । भू-गर्भशास्त्र की परिभाषा एवं महत्त्व, पृथ्वी – भूपर्पटी, मेंटल, कोर, स्थलमंडल, जलमंडल, पृथ्वी की उत्त्पत्ति एवं आयु, भूवैज्ञानिक समयसारणी, शैल (चट्टान) – परिभाषा, प्रकार आग्नेय, अवसादीय, कायांतरित शैले, खनिज एवं अयस्क, जीवाश्म, अपक्षय एवं अपरदन, मृदानिर्माण, भूमिगतजल, प्राकृतिक कोयला, प्राकृतिक तेल एवं गैस ।

पेपर 04

दर्शनशास्त्र मनोविज्ञान एवं लोक प्रशासन

इकाई-1

दार्शनिक/विचारक, समाज सुधारकः- सुकरात, प्लेटो, अरस्तू, महावीर, बुद्ध, आचार्य शंकर, चार्वाक, गुरुनानक, कबीर, तुलसीदास, रवीन्द्रनाथ टैगोर, राजाराम मोहन राय, सावित्री बाई फुले, स्वामी दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविन्द एवं सर्वपल्ली राधाकृष्णन ।

इकाई-2

  • मनोवृत्तिः – विषयवस्तु, तत्व, प्रकार्य : मनोवृत्ति का निर्माण, मनोवृत्ति परिवर्तन, प्रबोधक संप्रेषण, पूर्वाग्रह तथा विभेद, भारतीय संदर्भ में रुढ़िवादिता ।
  • अभिक्षमता एवं लोक सेवा हेतु आधारभूत योग्यताएँ, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता एवं असमर्थकवादी, वस्तुनिष्ठता, लोक सेवा के प्रति समर्पण, समानुभूति, सहिष्णुता एवं कमजोर वर्गों के प्रति संवेदना / करुणा ।
  • संवेगिक बुद्धिः – अवधारणा, प्रशासन / शासन में इसकी उपयोगिता एवं अनुप्रयोग • व्यक्तिगत भिन्नताएँ ।

इकाई—3

मानवीय आवश्यकताएँ एवं अभिप्रेरणा : लोक प्रशासन में नैतिक सद्गुण एवं मूल्यः- प्रशासन में नैतिक तत्व–सत्यनिष्ठा, उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता, नैतिक तर्क एवं नैतिक दुविधा तथा नैतिक मार्गदर्शन के रूप में अन्तरात्मा, लोक सेवकों हेतु आचरण संहिता, शासन में उच्च मूल्यों का पालन ।

इकाई -4

भ्रष्टाचारः– भ्रष्टाचार के प्रकार एवं कारण, भ्रष्टाचार का प्रभाव, भ्रष्टाचार को अल्पतम करने के उपाय, समाज, सूचनातंत्र, परिवार एवं व्हिसलब्लोअर (Whistleblower) की भूमिका, भ्रष्टाचार पर राष्ट्रसंघ की घोषणा, भ्रष्टाचार का मापन, ट्रांसपरेंसी इन्टरनेशनल, लोकपाल एवं लोकायुक्त ।

इकाई—5

पेपर 05

सामान्य हिंदी एवं व्याकरण

  • सामान्यतः निम्नलिखित विषय – सामग्री पर प्रश्न पूछे जाएँगे ।
  • क) लघुत्तरीय प्रश्न :- निर्धारित सम्पूर्ण पाठ्यक्रम के अंतर्गत ही पूछे जाएँगे ।
  • (ख) अलंकार—
    • शब्दालंकार – अनुप्रास, यमक, श्लेष
    • अर्थालंकार- उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा
  • (ग) अनुवाद वाक्यों का : – हिन्दी से अँग्रेजी एवं अँग्रेजी से हिन्दी ।
  • (घ) (1) संधि एवं समास ( 2 ) विराम चिह्न ।
  • (ड़) प्रारंभिक व्याकरण एवं शब्दावलियाँ –
  1. प्रशासनिक परिभाषिक शब्दावली ( हिन्दी / अँग्रेजी)
  2. मुहावरे एवं कहावतें
  3. विलोम शब्द
  4. अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  5. तत्सम एवं तद्भव शब्द
  6. पर्यायवाची शब्द
  7. मानक शब्दावली
  • (च) अपठित गद्यांश
  • (छ) पल्लवन-रेखांकित अथवा दी गई पंक्तियों का भाव पल्लवन ।
  • (ज) संक्षेपण :- गद्यांश का एक तिहाई शब्दों में संक्षेपण ।

पेपर 06

हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन

प्रथम निबंध (लगभग 1000 शब्दों में)-
निम्नांकित क्षेत्रों से निबंध पूछा जा सकता है। जैसे- पर्यावरण, विज्ञान, धर्म-आध्यात्म, शिक्षा में गुणवत्ता, आधुनिकीकरण, भूमंडलीकरण, | उदारीकरण, कृत्रिम बुद्धिमता, परम्परागत खेल, सांस्कृतिक विरासत, सभ्यता एवं संस्कृति, योग एवं स्वास्थ्य, ई-मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, नेतृत्व एवं विकास, सुशासन, नौकरशाही, जनजातीय विकास, राष्ट्रवाद एवं राष्ट्रीय एकता, सामुदायिक जीवन, सामाजिक सरोकार, नवीनीकरणीय ऊर्जा, सतत् विकास लक्ष्य, मादक पदार्थों का सेवन एवं दुष्प्रभाव, घरेलू हिंसा, बाह्य एवं आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे, व्यवसायगत सरलता आदि । ( लगभग 1000 शब्दों में)
द्वितीय निबंध — समसामयिक समस्याएँ एवं निदान (लगभग 500 शब्दों में):
प्रारूप लेखन – शासकीय व अर्धशासकीय पत्र, परिपत्र ( सर्क्यूलर), प्रपत्र, विज्ञापन, अंक आदेश, पृष्ठांकन, अनुस्मारक (स्मरण पत्र), प्रतिवेदन (नोटिफिकेशन), टिप्पण लेखन आदि । (लगभग-250 शब्द – (रिपोर्ट राइटिंग) अधिसूचना

MPPSC physical test | एमपीपीएससी में शारीरिक मापदंड

शारीरिक मापदंड – एमपीपीएससी में शारीरिक मापदंड निम्नलिखित पदों जैसे पुलिस विभाग, वाणिज्यिक कर विभाग, जेल विभाग, तथा परिवहन विभाग के अधिकारी पदों हेतु निम्नानुसार शारीरिक मापदंड निर्धारित किया गया है –

लिंगऊंचाई सेंटीमीटर मेंसीना (बिना फुलाने पर )सीना (पूर्णता फुलाने पर)
पुरुष16884 cm89 cm
महिला155आपेक्षित नहींआपेक्षित नहीं

MPPSC में कौन-कौन से पद होते हैं

एमपीपीएससी (MPPSC) के द्वारा अनेक पदों पर नियुक्ति दी जाती है तथा MPPSC के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के पद आते हैं जो अनेक विभागों सामान्य प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा, वन सेवा, में विभाजित होते हैं।

  • Deputy Collector
  • Superintendent of Police
  • Assistant Commissioner of Cooperatives & Assistant Registrar of Cooperatives.
  • Labour Officer
  • Chief Municipal Officer
  • Assistant Director
  • Chief Executive Officer (District Panchayat)
  • Block Development Officer
  • Assistant Director, Public Relations
  • Assistant Director, Women & Child Welfare
  • Child Development Project Officer
  • Assistant Director, Industry/ Manager
  • Area Coordinator
  • Assistant Jail Superintendent
  • Deputy Registrar
  • Cooperative Inspector/Cooperation Extension Officer
  • Transportation Sub-Inspector
  • Assistant Labour Officer
  • Chief Municipal Officer
  • District Registrar
  • Employment Officer
  • Area organiser (M.D.M.)
  • Assistant Director, Public Relations

MPPSC आवेदन प्रक्रिया क्या है

  • ऑनलाइन पंजीकरण: एमपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट https://mppsc.mp.gov.in/ पर ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया का आरंभ करना होगा आवेदकों को आवश्यक जानकारी प्रदान करनी होगी जैसे नाम पता जन्मतिथि शैक्षणिक विवरण आदि
  • आवेदन शुल्क भुगतान: आवेदन की प्रक्रिया के दौरान, आपको निर्धारित आवेदन शुल्क भुगतान करना होगा। यह शुल्क आवेदक के श्रेणि और आवेदन के लिए चयनित पद के आधार पर भिन्न हो सकता है।
  • उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के पूर्व अपने नए पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ तथा हस्ताक्षर की 25 KB से 200 KB तक की स्कैन फाइल तैयार रखें जिसे उन्हें ऑनलाइन फॉर्म भरते समय अपलोड करना होगा
    • फोटो के संदर्भ में कुछ आवश्यक बातें
    • स्कैनिंग हेतु पासपोर्ट साइज फोटो की नवीनतम फोटो का उपयोग करें जिस पर अभ्यर्थी का नाम एवं फोटो खींचने का दिनांक अंकित होना चाहिए
    • फोटो 3 महीने से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए
  • फॉर्म सबमिशन: सभी आवश्यक जानकारी और शुल्क भुगतान के बाद, आपको आवेदन पत्र को ऑनलाइन सबमिट करना होगा।

MPPSC notification | mppsc aavedan fees kitni hai

MPPSC notification 2023 के अनुसार निर्धारित की गई एमपीपीएससी आवेदन फीस इस प्रकार है

मप्र के मूल निवासी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन एवं परीक्षा शुल्क250/-
शेष सभी श्रेणी एवं मध्य प्रदेश से बाहर के निवासी अभ्यर्थियों के लिए आवेदन एवं परीक्षा शुल्क500/-

क्या एमपीपीएससी की परीक्षा के लिए सिर्फ मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए है?

नहीं, एमपीपीएससी की परीक्षाएँ अन्य राज्यों के नागरिकों के लिए भी खुली होती हैं।

क्या एमपीपीएससी की परीक्षा केवल एक बार होती है?

जी हां, एमपीपीएससी की प्रायः वर्ष में एक बार प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की जाती है।

MPPSC की तैयारी के लिए सबसे अच्छे बुक्स कौन सी हैं?

MPPSC की तैयारी के लिए ‘सम्पूर्ण मध्यप्रदेश’ और ‘MPPSC परीक्षा योग’ जैसी कई बुक्स उपयोगी होती हैं।

MPPSC के लिए आवश्यक उम्र सीमा क्या है?

MPPSC परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु सीमा MPPSC notification 2023 के अनुसार उनके द्वारा आवेदन किए जाने वाले पद पर निर्धारित किस करती है ग़ैर वर्दीधारी पदों हेतु जिसमें वर्दी धारण नहीं करना होती है उन पदों के लिए आयु सीमा 21 वर्ष से 40 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है तथा वर्दीधारी पदों हेतु जिनमें वर्दी धारण करनी होती है आयु सीमा 21 वर्ष से 33 वर्ष के बीच होना चाहिए

MPPSC के लिए आवेदन कैसे करें?

एमपीपीएससी (MPPSC) परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया एमपीपीएससी नोटिफिकेशन (MPPSC notification) के माध्यम से संपूर्ण निर्देश को ध्यान से पढ़ सकते हैं

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