hinditoper.com

hinditoper.com
namak ka daroga

namak ka daroga question answer pdf | सारांश, मुख्य उद्देश्य

नमक का दारोगा कहानी के बारे में

परंतु एक समय उनकी झड़प पंडित अलोपदीन नामक व्यक्ति से हो जाती है जो दातागंज के निवासी थे।
पंडित अलोपदीन एक बहुत ही बड़े धनी व्यक्ति थे जिनके आगे पीछे नौकर चाकर की पंक्ति लगी होती थी। रात के समय मुंशी वंशीधर जी ने पंडित अलोपदीन को नमक के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया। कहानी के अंत कुछ रोचक तथ्य के साथ खत्म होता है।

namak ka daroga question answer

” नमक का दारोगा ” कहानी के कुछ वस्तुनिष्ठ प्रश्न और उत्तर –

1. नमक का दारोगा पाठ के लेखक कौन है?

मुंशी प्रेमचंद

2. नमक का दारोगा किस प्रकार की विधा है?

कहानी

3. मुंशी प्रेमचंद जी का मूलनाम क्या है?

धनपत राय

4. प्रेमचंद जी का जन्म कब और कहां हुआ था?

सन् 1880, लमही गांव में

5. मानसरोवर कहानी के रचनाकार कौन है?

मुंशी प्रेमचंद

6. मानसरोवर कहानी कितने खंडों में प्रकाशित है?

आठ

7. हिंदी कथा साहित्य के शिखर पुरुष किसे माना जाता है?

मुंशी प्रेमचंद

8. मुंशी प्रेमचंद जी की पत्नी का नाम क्या था?

शिवरानी देवी

9. मुंशी प्रेमचंद किस प्रकार के उपन्यासकार है?

सामाजिक

10. पंच परमेश्वर किसकी रचना है?

मुंशी प्रेमचंद जी की

11. नमक का दारोगा कहानी का प्रथम प्रकाशन कब हुआ था?

सन् 1914 ई. में

12. नमक का दारोगा कहानी का मूल भाव क्या है?

धन के ऊपर धर्म की जीत

13. नमक का दारोगा कहानी के मुख्य पात्र कौन कौन है?

पंडित अलोपदीन, मुंशी वंशीधर

14. नमक का दारोगा कहानी का अंत किसके साथ होता है?

सत्य की जीत के साथ

15. कहानी और उपन्यास सम्राट किसे कहा जाता है?

मुंशी प्रेमचंद जी को

16. पूस की रात कहानी के रचनाकार कौन है?

मुंशी प्रेमचंद जी

17. मासिक वेतन को क्या कहा गया है?

पूर्ण मासी का चांद

18. वंशीधर कैसा पुत्र है?

आज्ञाकारी

19. वंशीधर के लिए उसका मित्र कौन था?

धैर्य

20. नमक के दफ्तर से एक मील पूर्व की ओर कौनसी नदी बहती है?

जमुना

21. न्याय और नीति किसके खिलौने है?

लक्ष्मी जी के

22. जमादार का क्या नाम था?

बदलू सिंह

23. धर्म ने किसको पैरो तले कुचल डाला ?

धन को

24. वंशीधर ने किससे बैर ले लिया ?

धन से

25. नमक का दारोगा पद पर कौन प्रतिष्ठित हो गया ?

मुंशी वंशीधर

26. नमक की गाड़ियां कहा जा रही थी ?

कानपुर

27. अदालत में किसको दोषी ठहराया गया ?

वंशीधर को

28. अदालत के बाहर निकलने पर वंशीधर के साथ क्या हुआ?

व्यंग्य बाणों की बौछार

29. लोग चोरी छिपे किसका व्यापार कर रहे थे?

नमक का

30. पंडित अलोपदीन वंशीधर के लिए किस पद का प्रस्ताव लेकर आए थे?

मैनेजर का

31. पौ बारह होना मुहावरे का अर्थ है?

बहुत अधिक लाभ प्राप्त करना

32. कहानी के अनुसार बहता हुआ स्त्रोत कौन है?

ऊपरी आय

33. ऊपरी आमदनी कौन देता है?

ईश्वर

34. वंशीधर कैसा पुत्र था?

आज्ञाकारी

35. इस विस्तृत संसार में वंशीधर का मित्र कौन था?

धैर्य

36. इस विस्तृत संसार में वंशीधर का पथप्रदर्शक कौन था?

बुद्धि

37. किसके ह्रदय में शूल उठने लगे?

पड़ोसियों के

38. पंडित अलोपदीन क्या थे?

जमींदार

39. पंडित अलोपदीन कहा का था?

दातागंज का

40. पंडित अलोपदीन का किस पर अखंड विश्वास था?

लक्ष्मी जी पर

41. पंडित अलोपदीन के अनुसार स्वर्ग पर किसका राज्य है?

लक्ष्मी का

42. वंशीधर पर किसका प्रभाव नही पड़ा?

ऐश्वर्य की मोहिनी वंशी का

43. पंडित अलोपदीन, वंशीधर को कितने रुपए के नोट देने को बोल रहा था?

1000 रुपए के

44. वंशीधर का जमादार कौन था?

बदलू सिंह

45. दुनिया सोती थी पर कौन जागता था?

दुनिया की जीभ

46. पंडित अलोपदीन अगाध वन के क्या थे?

सिंह

47. पंडित अलोपदीन के भक्त कौन थे?

अधिकारी वर्ग

48. पंडित अलोपदीन के सेवक कौन थे?

अमले (नौकर चाकर)

49. पंडित अलोपदीन के अज्ञापालक कौन थे?

वकील मुख्तार

50. पंडित अलोपदीन के बिना माल के गुलाम कौन थे?

चपरासी और चौकीदार

51. वंशीधर की माताजी को कहा की यात्रा करना थी?

जगन्नाथ और रामेश्वरम की

52. पंडित अलोपदीन ने मुंशी वंशीधर को किस वार्षिक वेतन पर अपने यहां रखा?

छः हजार वार्षिक वेतन

53. छः हजार वार्षिक वेतन के साथ और क्या क्या वंशीधर जी की मिला?

अतिरिक्त रोजाना खर्च, सवारी के लिए घोड़े, रहने को बंगला, नौकर चाकर मुफ्त

54. नमक का दारोगा कहानी में ईमानदार कर्मयोगी का पात्र कौन था?

मुंशी वंशीधर

55. श्री गणेश का विलोम शब्द क्या है?

इति श्री

56. उपकार मानने वाले को क्या कहते है?

कृतज्ञ

57. उपकार न मानने वाले को क्या कहते है?

कृतघ्न

“namak ka daroga” कहानी पाठ का सारांश

इसमें एक ईमानदार नमक निरीक्षक की कहानी को बताया गया है जिसने कालाबाजारी के विरुद्ध आवाज उठाई। यह कहानी धन के ऊपर धर्म के जीत की है। कहानी में मानव मूल्यों का आदर्श रूप दिखाया गया है और उसे सम्मानित भी किया गया है। सत्यनिष्ठा, धर्मनिष्ठा और कर्मपरायणता को विश्व के दुर्लभ गुणों में बताया गया है।

“namak ka daroga” कहानी का मुख्य उद्देश्य

namak ka daroga” कहानी में धन पर धर्म की विजय दिखाना ही कहानी का मूल उद्देश्य है। धन को असद्वृत्ति एवं बुराई भी कहा जा सकता है किन्तु धर्म सद्वृत्ति व सत्य कहा जाता है। कहानी में सद्वृत्ति का प्रतिनिधित्व वंशीधर करता है तथा असद्वृत्ति व बुराई का प्रतिनिधित्व पंडित अलोपीदीन करता है।

कहानी में “नमक का दरोगा” का महत्व क्या है?

“नमक का दरोगा” का महत्व उसके सामाजिक संदेश और गहरी कहानी में छिपे समाज के मुद्दों की जाँच के रूप में है। इसकी पूरी कथा को जानने के लिए आपको इस प्रमुख कृति को पढ़ना चाहिए।

कहानी में दिखाए गए प्रमुख चरित्र कौन-कौन से हैं?

“नमक का दरोगा” में प्रमुख चरित्रों में होरी, धनिया, और क्रूर ठेकेदार शामिल हैं। हम उनके प्रेरणास्पद कामकाज और कहानी में उनकी भूमिका को समझेंगे।